नहरों व अलग-अलग संसाधनों से सिंचाई के लिए पानी ले रहे 35 लाख किसानों को राहत मिल गई है। सरकार ने 25 साल बाद एकमुश्त जलकर का बकाया देने वाले किसानों पर लगी पेनल्टी (दंड ब्याज) को माफ कर दिया है। यह बात जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने कही। वे मंगलवार को मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होंने दो साल के कामकाज की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मप्र को जल बचाने और उसे बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय अवॉर्ड भी मिला है। माइक्रो सिंचाई सिस्टम का इस्तेमाल करने वाले राज्यों में भी मप्र अग्रणी निकला है। 3 साल में 8 लाख से अधिक हेक्टेयर जमीन को सिंचित करेंगे जल संसाधन मंत्री ने बताया कि अगले 3 साल में मप्र की साढ़े आठ लाख हेक्टेयर जमीन को सिंचित कर देंगे। सबसे ज्यादा 6.22 लाख हैक्टेयर जमीन तो 2026 में सिंचित होगी। कृषि क्षेत्र को ताकत देने के साथ उद्योगों, विद्युत उत्पादन आदि के लिए भी जल की उपलब्धता बनाने की तैयारी है। मप्र देश का ऐसा राज्य है, जहां पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की तीन नदी जोड़ों योजनाएं संचालित हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केन-बेतवा बहुउद्देशीय नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना मप्र को दी है। इससे बुंदेलखंड क्षेत्र की तस्वीर एवं तकदीर बदल जाएगी। पार्वती- कालीसिंध -चंबल लिंक राष्ट्रीय परियोजना से बड़े हिस्से में सिंचाई, पेयजल, उद्योगों आदि के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी की उपलब्धता बनेगी। तापी बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना है, जो विश्व में अपने आप में एक बहुत अनूठा प्रयास होगा। 20 प्रोजेक्ट की डीपीआर भेजी: मप्र ने सिंचाई से जुड़ी 20 परियोजनाओं की डीपीआर केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) को भेज दी हैं। आयोग के ई-पेम पोर्टल पर भी यह आ गई है। अब जल्द आगे की कार्यवाही की जाएगी। सिंहस्थ सबसे बड़ा लक्ष्य: सिलावट ने कहा कि सिंहस्थ का सबसे बड़ा काम है। क्षिप्रा नदी के दोनों तटों पर मेला लगेगा। कुल 2 हजार 396 करोड़ की स्वीकृति लेकर उसे दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। उज्जैन जिले की कान्ह नदी पर 920 करोड़ से कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट परियोजना (क्षिप्रा शुद्धीकरण) का काम होना है। क्षिप्रा के दोनों किनारों पर 30 किमी घाट का निर्माण हो रहा है। एट्रोसिटी के खिलाफ बनाए 43 स्पेशल कोर्ट, 51 पुलिस स्टेशन: नागर अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने कहा है कि मोहन सरकार में एससी -एसटी वर्गों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हुई है। इन मामलों में तेज गति से एक्शन के लिए 43 विशेष न्यायालय एवं 51 विशेष थाने बनाए गए हैं। मंगलवार को अपने विभाग की दो सालों की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए चौहान ने बताया कि एट्रोसिटी के मामलों में वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में 271 करोड़ रुपए से अधिक की राहत राशि भी दी गई है। प्रदेश में अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए 1913 छात्रावास चल रहे हैं, जिनमें 95,317 सीटें उपलब्ध हैं।


