भागलपुर में जलस्तर नीचे, लोगों को पानी की किल्लत:ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से प्रखंड विकास पदाधिकारी को दिया आवेदन, कहा- परेशानी हो रही

भागलपुर के जगदीशपुर प्रखंड अंतर्गत वार्ड संख्या-8 में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। मोहल्ले में लगा एकमात्र चापाकल लंबे समय से खराब पड़ा हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। समस्या के समाधान को लेकर ग्रामीणों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) को लिखित आवेदन सौंपकर जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीण रामविलास मंडल ने बताया कि चापाकल खराब होने के कारण उन्हें दूर-दराज के इलाकों से पानी लाना पड़ रहा है। खासकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को इस समस्या से अधिक कठिनाई हो रही है। सुबह से ही पानी के इंतजाम में लगना पड़ता है, जिससे रोजाना का काम भी प्रभावित हो रहा है। सीता देवी ने बताया कि गर्मी का मौसम शुरू होते ही स्थिति और गंभीर हो गई है। जलस्तर में गिरावट के कारण आसपास के अन्य जल स्रोत भी पर्याप्त पानी नहीं दे पा रहे हैं। ऐसे में लोगों के सामने पेयजल की भारी किल्लत उत्पन्न हो गई है। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से आवेदन दिया सुधीर ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को मौखिक रूप से सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। लगातार अनदेखी से परेशान होकर अंत में ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से आवेदन देकर प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा यदि शीघ्र ही समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भयावह हो सकती है। पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित होने के कारण लोगों में आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है। भागलपुर के जगदीशपुर प्रखंड अंतर्गत वार्ड संख्या-8 में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। मोहल्ले में लगा एकमात्र चापाकल लंबे समय से खराब पड़ा हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। समस्या के समाधान को लेकर ग्रामीणों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) को लिखित आवेदन सौंपकर जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीण रामविलास मंडल ने बताया कि चापाकल खराब होने के कारण उन्हें दूर-दराज के इलाकों से पानी लाना पड़ रहा है। खासकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को इस समस्या से अधिक कठिनाई हो रही है। सुबह से ही पानी के इंतजाम में लगना पड़ता है, जिससे रोजाना का काम भी प्रभावित हो रहा है। सीता देवी ने बताया कि गर्मी का मौसम शुरू होते ही स्थिति और गंभीर हो गई है। जलस्तर में गिरावट के कारण आसपास के अन्य जल स्रोत भी पर्याप्त पानी नहीं दे पा रहे हैं। ऐसे में लोगों के सामने पेयजल की भारी किल्लत उत्पन्न हो गई है। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से आवेदन दिया सुधीर ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को मौखिक रूप से सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। लगातार अनदेखी से परेशान होकर अंत में ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से आवेदन देकर प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा यदि शीघ्र ही समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भयावह हो सकती है। पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित होने के कारण लोगों में आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है।  

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