इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद सरकार हाई अलर्ट पर है। इसके तहत अब प्रदेशभर में पेयजल व्यवस्था की जांच के लिए 31 मई तक दो चरणों में विशेष अभियान चलेगा। आम नागरिकों की पानी से जुड़ी समस्याओं की सुनवाई अब हर मंगलवार को की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सागर से लौटने के बाद स्टेट हैंगर पर हुई उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने स्वच्छ जल अभियान की घोषणा की। पहला चरण 10 जनवरी से 28 फरवरी और दूसरा चरण एक मार्च से 31 मार्च तक चलेगा।


