रांची में नगर निगम चुनाव की सरगर्मी बढ़ी हुई है। 27 फरवरी को निकाय चुनाव परिणाम की घोषणा के बाद शहर की सरकार का रास्ता साफ हो जाएगा। लेकिन रांची की जनता के मन में आज भी एक सवाल है कि आखिर उन्हें पीने के लिए शुद्ध पानी कब मिलेगा। क्योंकि, घरों में जलापूर्ति के नाम पर पिछले 8 साल से लोग पानी का इंतजार कर रहे हैं। नगर विकास विभाग की एजेंसी जुडको ने 3 परियोजनाओं के माध्यम से पानी पहुंचाने के लिए पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू किया, लेकिन आज तक लोगों को पानी नहीं मिला। जबकि, शहर में अम्रुत, एशियन डेवलपमेंट बैंक के सहयोग से 1,101 करोड़ की लागत से पेयजलापूर्ति की चार योजनाएं चल रही हैं, लेकिन एक भी योजना अभी तक पूरी नहीं हुई।
इसका नतीजा हुआ कि इस वर्ष गर्मी में भी करीब 500 मुहल्लों के 4 लाख लोगों को पाइपलाइन से पीने का पानी नहीं मिलेगा। ऐसे में शहर की नई सरकार के ऊपर बड़ी जवाबदेही होगी कि हरेक घरों में शुद्ध पानी पहुंचे। वाटर सप्लाई, फेज-1, लागत-266 करोड़ काम हुआ- 85%, क्या काम हुआ- 500 किमी डिस्ट्रीब्यूशन लाइन बिछी, 9 जलमीनार बने है। काम बाकी है-3 जलमीनार का काम अधूरा है। कहां फंसा है -तिलता से रातू चौक तक राइजिंग पाइप का एनओसी नहीं मिल रहा है। एनएचएआई ने एस्टिमेट दिया
वाटर सप्लाई फेज-2 बी, लागत- 260 करोड़ क्या काम हुआ- रूक्का में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बन रहा है। 280 किमी पाइप बिछी व चिरौंदी पहाड़ पर 280 लाख लीटर क्षमता का रिजर्ववायर बन रहा है। काम बाकी है- 100 किमी पाइपलाइन नहीं बिछाई गई है। रिजर्ववायर का सिर्फ बेस बना है। कहां फंसा- बोड़ेया रोड में फ्लाईओवर प्रस्तावित होने की वजह से पाइपलाइन का काम बचा हुआ था। फाइलों में घूमता रहा एनओसी का प्रयास : अप्रैल 2022 में निगम के तत्कालीन डिप्टी मेयर ने जुडको के अफसरों के साथ बैठक कर एनएचएआई से एनओसी लेने को कहा। मई 2022 में जुडको की ओर से एनएचएआई व पथ निर्माण विभाग को एनओसी देने के लिए पत्र लिखा। नवंबर 2022 में निगम बोर्ड की बैठक में फिर एनओसी लेने के लिए संयुक्त बैठक बुलाने का निर्देश दिया, इसके बाद बैठक हुई, पर समाधान नहीं निकला। जेपी मार्केट आदर्श नगर में लाइन लगाकर पानी भरने किो मजबूर लोग। घरों में पानी पहुंचा नहीं, निगम पैसा मांग रहा : शहर के घरों में पाइपलाइन बिछाकर कनेक्शन दे दिया गया है, लेकिन अभी तक एक भी घर में पानी नहीं पहुंचा। दूसरी आेर नगर निगम जिन घरों में कनेक्शन दिया गया है उनके नाम पर पानी का बिल तैयार कर रहा है। इसका खुलासा उस समय हुआ जब निकाय चुनाव का नामांकन करने गए प्रत्याशियों ने निगम से एनआेसी मांगा। वहीं निगम ने बकाये भुगतान का निर्देश दिया है। जेपी मार्केट आदर्श नगर निवासी अजय कुमार ठाकुर के घर सप्लाई के नाम पर पाइप लगा दी गई है। मीटर भी लग गया है। पर पानी की एक बूंद नहीं मिली है और 9,400 रुपए का बिल भेज दिया। पानी एक बूंद नहीं मिला…बिल आया 9400 रुपए का शहर के 2.6 लाख घरों में 24 घंटे पाइपलाइन से पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जुडको द्वारा गेतलसूद डैम से नया राइजिंग लाइन बिछाई जा रही है। इसी लाइन से करीब 1000 किमी डिस्ट्रीब्यूशन लाइन के माध्यम से घरों में पानी जाएगा। डिस्ट्रीब्यूशन लाइन में पानी भेजने के लिए पहले फेज में 9 जलमीनार बनाए गए हैं। लेकिन जलमीनार तक पानी नहीं पहुंच रहा है। क्योंकि, तिलता चौक से पिस्का मोड़ होते हुए बनहोरा तक करीब 10 किमी और पिस्कामोड़ से न्यू मार्केट चौक तक करीब 2 किमी राइजिंग पाइपलाइन बिछाने का काम रुका हुआ है। राइजिंग पाइपलाइन नहीं बिछने से आईटीआई बस स्टैंड, पटेल पार्क हरमू, खादगढ़ा मधुकम, पहाड़ी टोला, बकरी बाजार, हटिया क्षेत्र और बनहोरा मंे बने दो जल मीनार तक पानी नहीं पहुंचेगा। रांची में नगर निगम चुनाव की सरगर्मी बढ़ी हुई है। 27 फरवरी को निकाय चुनाव परिणाम की घोषणा के बाद शहर की सरकार का रास्ता साफ हो जाएगा। लेकिन रांची की जनता के मन में आज भी एक सवाल है कि आखिर उन्हें पीने के लिए शुद्ध पानी कब मिलेगा। क्योंकि, घरों में जलापूर्ति के नाम पर पिछले 8 साल से लोग पानी का इंतजार कर रहे हैं। नगर विकास विभाग की एजेंसी जुडको ने 3 परियोजनाओं के माध्यम से पानी पहुंचाने के लिए पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू किया, लेकिन आज तक लोगों को पानी नहीं मिला। जबकि, शहर में अम्रुत, एशियन डेवलपमेंट बैंक के सहयोग से 1,101 करोड़ की लागत से पेयजलापूर्ति की चार योजनाएं चल रही हैं, लेकिन एक भी योजना अभी तक पूरी नहीं हुई।
इसका नतीजा हुआ कि इस वर्ष गर्मी में भी करीब 500 मुहल्लों के 4 लाख लोगों को पाइपलाइन से पीने का पानी नहीं मिलेगा। ऐसे में शहर की नई सरकार के ऊपर बड़ी जवाबदेही होगी कि हरेक घरों में शुद्ध पानी पहुंचे। वाटर सप्लाई, फेज-1, लागत-266 करोड़ काम हुआ- 85%, क्या काम हुआ- 500 किमी डिस्ट्रीब्यूशन लाइन बिछी, 9 जलमीनार बने है। काम बाकी है-3 जलमीनार का काम अधूरा है। कहां फंसा है -तिलता से रातू चौक तक राइजिंग पाइप का एनओसी नहीं मिल रहा है। एनएचएआई ने एस्टिमेट दिया
वाटर सप्लाई फेज-2 बी, लागत- 260 करोड़ क्या काम हुआ- रूक्का में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बन रहा है। 280 किमी पाइप बिछी व चिरौंदी पहाड़ पर 280 लाख लीटर क्षमता का रिजर्ववायर बन रहा है। काम बाकी है- 100 किमी पाइपलाइन नहीं बिछाई गई है। रिजर्ववायर का सिर्फ बेस बना है। कहां फंसा- बोड़ेया रोड में फ्लाईओवर प्रस्तावित होने की वजह से पाइपलाइन का काम बचा हुआ था। फाइलों में घूमता रहा एनओसी का प्रयास : अप्रैल 2022 में निगम के तत्कालीन डिप्टी मेयर ने जुडको के अफसरों के साथ बैठक कर एनएचएआई से एनओसी लेने को कहा। मई 2022 में जुडको की ओर से एनएचएआई व पथ निर्माण विभाग को एनओसी देने के लिए पत्र लिखा। नवंबर 2022 में निगम बोर्ड की बैठक में फिर एनओसी लेने के लिए संयुक्त बैठक बुलाने का निर्देश दिया, इसके बाद बैठक हुई, पर समाधान नहीं निकला। जेपी मार्केट आदर्श नगर में लाइन लगाकर पानी भरने किो मजबूर लोग। घरों में पानी पहुंचा नहीं, निगम पैसा मांग रहा : शहर के घरों में पाइपलाइन बिछाकर कनेक्शन दे दिया गया है, लेकिन अभी तक एक भी घर में पानी नहीं पहुंचा। दूसरी आेर नगर निगम जिन घरों में कनेक्शन दिया गया है उनके नाम पर पानी का बिल तैयार कर रहा है। इसका खुलासा उस समय हुआ जब निकाय चुनाव का नामांकन करने गए प्रत्याशियों ने निगम से एनआेसी मांगा। वहीं निगम ने बकाये भुगतान का निर्देश दिया है। जेपी मार्केट आदर्श नगर निवासी अजय कुमार ठाकुर के घर सप्लाई के नाम पर पाइप लगा दी गई है। मीटर भी लग गया है। पर पानी की एक बूंद नहीं मिली है और 9,400 रुपए का बिल भेज दिया। पानी एक बूंद नहीं मिला…बिल आया 9400 रुपए का शहर के 2.6 लाख घरों में 24 घंटे पाइपलाइन से पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जुडको द्वारा गेतलसूद डैम से नया राइजिंग लाइन बिछाई जा रही है। इसी लाइन से करीब 1000 किमी डिस्ट्रीब्यूशन लाइन के माध्यम से घरों में पानी जाएगा। डिस्ट्रीब्यूशन लाइन में पानी भेजने के लिए पहले फेज में 9 जलमीनार बनाए गए हैं। लेकिन जलमीनार तक पानी नहीं पहुंच रहा है। क्योंकि, तिलता चौक से पिस्का मोड़ होते हुए बनहोरा तक करीब 10 किमी और पिस्कामोड़ से न्यू मार्केट चौक तक करीब 2 किमी राइजिंग पाइपलाइन बिछाने का काम रुका हुआ है। राइजिंग पाइपलाइन नहीं बिछने से आईटीआई बस स्टैंड, पटेल पार्क हरमू, खादगढ़ा मधुकम, पहाड़ी टोला, बकरी बाजार, हटिया क्षेत्र और बनहोरा मंे बने दो जल मीनार तक पानी नहीं पहुंचेगा।


