water Allergy: एलर्जी के नाम से हमारे दिमाग में केवल स्किन और नाक की एलर्जी ही आती है, लेकिन क्या आपने कभी ‘वॉटर एलर्जी’ के बारे में सुना है? हाल ही में एक ऐसी लड़की की कहानी सामने आयी है जिसको बारिश की बूंदें, पसीना और यहां तक कि उसके खुद के आंसू भी तेजाब की तरह काम करते हैं।
शुरुआत में डॉक्टरों ने इसे सामान्य स्किन इन्फेक्शन समझा और उसे सामन्य एलर्जी की दवाएं ही दी गयी। मेडिकल रिपोर्ट्स में एक ऐसा सच सामने आया जिसने मेडिकल साइंस को भी चौंका दिया है। दुनिया भर में इस बीमारी के 100 से भी कम मामले दर्ज हैं, जिसने सबको हैरान कर दिया है। आइए जानते है की क्या होता है ‘एक्वाजेनिक अर्टिकेरिया’ (Aquagenic Urticaria)? इसके कारण, लक्षण और बचाव के उपाय क्या है?
क्या होता है एक्वाजेनिक अर्टिकेरिया?
National Library of Medicine के अनुसार यह दुनिया की सबसे दुर्लभ बीमारियों में से एक है। इसमें पानी के संपर्क में आने के कुछ ही मिनटों के भीतर त्वचा पर लाल रंग के उभरे हुए दाने या चकत्ते हो जाते हैं। इसमें असहनीय खुजली और जलन होती है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह पानी के तापमान पर निर्भर नहीं करता, बल्कि पानी की संरचना ही शरीर के लिए एलर्जन बन जाती है।
एक्वाजेनिक अर्टिकेरिया के कारण?
- त्वचा का रिएक्शन
- पानी में घुले तत्व
- जेनेटिक म्यूटेशन
एक्वाजेनिक अर्टिकेरिया के लक्षण क्या होते है?
- त्वचा पर छोटे-छोटे लाल दाने या उभरे हुए निशान।
- खुजली और जलन।
- गले या होठों के आसपास पानी छूने से सूजन।
- आंसुओं और पसीने से घाव।
- सांस लेने में दिक्कत।
एक्वाजेनिक अर्टिकेरिया से बचाव के उपाय?
- मरीजों को बहुत कम समय (2-3 मिनट) के लिए ही नहाना चाहिए।
- हफ्ते में केवल 1-2 बार नहाना सही।
- सूती व ढीले कपड़े पहनना।
- कुछ मामलों में डॉक्टर्स PUVA (Psoralen plus Ultraviolet A) थेरेपी का उपयोग करते हैं।
- डॉक्टर्स बहुत कम मात्रा में या स्ट्रॉ (Straw) के जरिए पानी पीने की सलाह देते हैं।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।


