30% से ज्यादा बर्न बता सब्सिडी किराए पर जाने से किया था मना, 8 लाख लेकर भरी उड़ान

30% से ज्यादा बर्न बता सब्सिडी किराए पर जाने से किया था मना, 8 लाख लेकर भरी उड़ान

एयर एंबुलेंस हादसे में जान गंवाने वाले संजय कुमार के परिजनों ने विमान कंपनी रेडबर्ड एयरलाइंस प्राइवेट लिमिटेड पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके भाई विजय कुमार का कहना है कि कंपनी ने पहले झारखंड सरकार की सब्सिडी दर पर मरीज को दिल्ली ले जाने से इनकार कर दिया था। कंपनी ने यह कहते हुए मना कर दिया था कि मरीज 65 प्रतिशत तक झुलसा हुआ है। एयर एंबुलेंस से 30-35 प्रतिशत से अधिक झुलसे मरीज को ले जाना संभव नहीं है। बाद में जब भांजे ध्रुव कुमार(अब मृत) ने रेडबर्ड एयरलाइंस कंपनी के प्रतिनिधियों से दोबारा संपर्क किया, तब 8 लाख रुपए में वे मरीज को दिल्ली ले जाने के लिए तैयार हो गए। पूरी राशि मिलने के बाद ही 23 फरवरी की शाम एयर एंबुलेंस ने उड़ान भरी थी। पहले सड़क मार्ग से जाना था विजय ने बताया कि संजय कुमार का इलाज रांची के देवकमल अस्पताल में चल रहा था। हालत गंभीर होने पर परिवार ने उन्हें सड़क मार्ग से दिल्ली ले जाने की तैयारी की थी। हालांकि, डॉक्टरों ने सलाह दी कि इतनी गंभीर स्थिति में सड़क मार्ग से ले जाना जोखिम भरा हो सकता है। इसके बाद एयर एंबुलेंस से दिल्ली ले जाने का फैसला हुआ था 23 की रात हुआ था हादसा मालूम हो कि 23 फरवरी की रात रांची से दिल्ली जा रही रेडबर्ड एयरलाइंस की एयर एंबुलेंस चतरा जिले के सिमरिया क्षेत्र के कसियातु जंगल में क्रैश हो गई थी। हादसे में दो पायलट, मरीज संजय कुमार, उनकी प|ी, भांजे, डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ समेत सात लोगों की मौत हो गई। सिमडेगा: ध्रुव की अंत्येष्टी, पिता ने इकलौते बेटे को दी मुखाग्नि सिमडेगा|हादसे में मारे गए 17 वर्षीय ध्रुव कुमार का अंतिम संस्कार सिमडेगा के तैसेरा गांव में हुआ। पिता दिनेश प्रसाद ने मुखाग्नि दी। इकलौते बेटे की अर्थी को कंधा देते समय परिवार और ग्रामीण भावुक हो उठे। अंतिम विदाई में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। दो लाख रुपए कम दिए तो विमान शाम 7 बजे तक नहीं उड़ा: मंत्री रांची के सदर अस्पताल में दिवंगत डॉक्टर विकास गुप्ता के लिए श्रद्धांजलि सभा हुई। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि कंपनी ने 8 लाख रुपए मांगे थे। परिजनों ने 2 लाख रुपए कम दिए थे। इसी वजह से शाम 4 बजे उड़ान भरने वाला विमान करीब शाम 7 बजे तक रुका रहा। उस दिन डॉ. विकास का जन्मदिन था, पर उन्होंने परिवार से अधिक एक मरीज की जान बचाने को प्राथमिकता दी। इरफान अंसारी ने कहा कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जा रही है। अगर कंपनी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने अलग-अलग शहरों के लिए किराया तय किया है रांची-दिल्ली 5.00 लाख रुपए रांची-वाराणसी 3.30 लाख रुपए रांची-मुंबई 7.00 लाख रुपए रांची-चेन्नई 8.00 लाख रुपए रांची-कोलकाता 3.00 लाख रुपए रांची-हैदराबाद 7.00 लाख रुपए रांची-लखनऊ 5.00 लाख रुपए रांची-तिरुपति 8.00 लाख रुपए 28 अप्रैल 2023 से शुरू हुई थी सेवा झारखंड सरकार ने 28 अप्रैल 2023 को आम मरीजों के लिए एयर एंबुलेंस सेवा शुरू की थी। इसके लिए रेडबर्ड एयरलाइंस प्राइवेट लिमिटेड का विमान उपयोग में लाया जा रहा था। विमान कंपनी की वेबसाइट पर ‘मेंटेनेंस मोड’, सब्सिडी सेवा भी अभी बंद एयर एंबुलेंस क्रैश के बाद रेडबर्ड एयरलाइंस प्राइवेट लिमिटेड की सेवा बंद हो गई है। कंपनी की वेबसाइट पर ‘मेंटेनेंस मोड’ का संदेश प्रदर्शित हो रहा है। इस संबंध में कंपनी के संचालक अक्षय कुमार से संपर्क करने की कई बार कोशिश की गई। उनके मोबाइल नंबर 965083XX59 पर कॉल किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। व्हाट्सएप पर भी संदेश भेजा गया, जिसका कोई जवाब नहीं मिला। घटना के बाद झारखंड सरकार की सब्सिडी वाली एयर एंबुलेंस सेवा भी फिलहाल बंद हो गई है। क्योंकि इसी कंपनी के साथ सरकार का अनुबंध था। इससे गंभीर मरीजों को आपात स्थिति में हवाई चिकित्सा सुविधा मिलने में परेशानी की आशंका जताई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट: अत्यधिक रक्तस्राव से सभी की हुई मौत पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सभी यात्रियों की मौत का कारण अत्यधिक रक्तस्राव बताया गया है। कई शव के सिर-अंग क्षतिग्रस्त थे। डॉ विकास की पसली की हड्डी टूटकर हृदय में फंसी मिली। सभी शवों के विसरा जांच के लिए रिम्स भेजे गए हैं। जांच टीम पूरे दिन ढूंढ़ती रही ब्लैक बॉक्स नहीं मिला हादसे के बाद जांच एजेंसियों ने घटनास्थल पर मलबे की गहन जांच की। कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर (ब्लैक बॉक्स) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर की तलाश की गई, पर नहीं मिला। जांच टीम विमान के तकनीकी पहलुओं, मौसम की स्थिति और उड़ान से पहले की प्रक्रियाओं की भी जांच कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ब्लैक बॉक्स मिलने से हादसे के कारणों का सटीक विश्लेषण संभव होगा। फिलहाल जांच रिपोर्ट का इंतजार है। एयर एंबुलेंस हादसे में जान गंवाने वाले संजय कुमार के परिजनों ने विमान कंपनी रेडबर्ड एयरलाइंस प्राइवेट लिमिटेड पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके भाई विजय कुमार का कहना है कि कंपनी ने पहले झारखंड सरकार की सब्सिडी दर पर मरीज को दिल्ली ले जाने से इनकार कर दिया था। कंपनी ने यह कहते हुए मना कर दिया था कि मरीज 65 प्रतिशत तक झुलसा हुआ है। एयर एंबुलेंस से 30-35 प्रतिशत से अधिक झुलसे मरीज को ले जाना संभव नहीं है। बाद में जब भांजे ध्रुव कुमार(अब मृत) ने रेडबर्ड एयरलाइंस कंपनी के प्रतिनिधियों से दोबारा संपर्क किया, तब 8 लाख रुपए में वे मरीज को दिल्ली ले जाने के लिए तैयार हो गए। पूरी राशि मिलने के बाद ही 23 फरवरी की शाम एयर एंबुलेंस ने उड़ान भरी थी। पहले सड़क मार्ग से जाना था विजय ने बताया कि संजय कुमार का इलाज रांची के देवकमल अस्पताल में चल रहा था। हालत गंभीर होने पर परिवार ने उन्हें सड़क मार्ग से दिल्ली ले जाने की तैयारी की थी। हालांकि, डॉक्टरों ने सलाह दी कि इतनी गंभीर स्थिति में सड़क मार्ग से ले जाना जोखिम भरा हो सकता है। इसके बाद एयर एंबुलेंस से दिल्ली ले जाने का फैसला हुआ था 23 की रात हुआ था हादसा मालूम हो कि 23 फरवरी की रात रांची से दिल्ली जा रही रेडबर्ड एयरलाइंस की एयर एंबुलेंस चतरा जिले के सिमरिया क्षेत्र के कसियातु जंगल में क्रैश हो गई थी। हादसे में दो पायलट, मरीज संजय कुमार, उनकी प|ी, भांजे, डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ समेत सात लोगों की मौत हो गई। सिमडेगा: ध्रुव की अंत्येष्टी, पिता ने इकलौते बेटे को दी मुखाग्नि सिमडेगा|हादसे में मारे गए 17 वर्षीय ध्रुव कुमार का अंतिम संस्कार सिमडेगा के तैसेरा गांव में हुआ। पिता दिनेश प्रसाद ने मुखाग्नि दी। इकलौते बेटे की अर्थी को कंधा देते समय परिवार और ग्रामीण भावुक हो उठे। अंतिम विदाई में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। दो लाख रुपए कम दिए तो विमान शाम 7 बजे तक नहीं उड़ा: मंत्री रांची के सदर अस्पताल में दिवंगत डॉक्टर विकास गुप्ता के लिए श्रद्धांजलि सभा हुई। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि कंपनी ने 8 लाख रुपए मांगे थे। परिजनों ने 2 लाख रुपए कम दिए थे। इसी वजह से शाम 4 बजे उड़ान भरने वाला विमान करीब शाम 7 बजे तक रुका रहा। उस दिन डॉ. विकास का जन्मदिन था, पर उन्होंने परिवार से अधिक एक मरीज की जान बचाने को प्राथमिकता दी। इरफान अंसारी ने कहा कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जा रही है। अगर कंपनी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने अलग-अलग शहरों के लिए किराया तय किया है रांची-दिल्ली 5.00 लाख रुपए रांची-वाराणसी 3.30 लाख रुपए रांची-मुंबई 7.00 लाख रुपए रांची-चेन्नई 8.00 लाख रुपए रांची-कोलकाता 3.00 लाख रुपए रांची-हैदराबाद 7.00 लाख रुपए रांची-लखनऊ 5.00 लाख रुपए रांची-तिरुपति 8.00 लाख रुपए 28 अप्रैल 2023 से शुरू हुई थी सेवा झारखंड सरकार ने 28 अप्रैल 2023 को आम मरीजों के लिए एयर एंबुलेंस सेवा शुरू की थी। इसके लिए रेडबर्ड एयरलाइंस प्राइवेट लिमिटेड का विमान उपयोग में लाया जा रहा था। विमान कंपनी की वेबसाइट पर ‘मेंटेनेंस मोड’, सब्सिडी सेवा भी अभी बंद एयर एंबुलेंस क्रैश के बाद रेडबर्ड एयरलाइंस प्राइवेट लिमिटेड की सेवा बंद हो गई है। कंपनी की वेबसाइट पर ‘मेंटेनेंस मोड’ का संदेश प्रदर्शित हो रहा है। इस संबंध में कंपनी के संचालक अक्षय कुमार से संपर्क करने की कई बार कोशिश की गई। उनके मोबाइल नंबर 965083XX59 पर कॉल किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। व्हाट्सएप पर भी संदेश भेजा गया, जिसका कोई जवाब नहीं मिला। घटना के बाद झारखंड सरकार की सब्सिडी वाली एयर एंबुलेंस सेवा भी फिलहाल बंद हो गई है। क्योंकि इसी कंपनी के साथ सरकार का अनुबंध था। इससे गंभीर मरीजों को आपात स्थिति में हवाई चिकित्सा सुविधा मिलने में परेशानी की आशंका जताई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट: अत्यधिक रक्तस्राव से सभी की हुई मौत पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सभी यात्रियों की मौत का कारण अत्यधिक रक्तस्राव बताया गया है। कई शव के सिर-अंग क्षतिग्रस्त थे। डॉ विकास की पसली की हड्डी टूटकर हृदय में फंसी मिली। सभी शवों के विसरा जांच के लिए रिम्स भेजे गए हैं। जांच टीम पूरे दिन ढूंढ़ती रही ब्लैक बॉक्स नहीं मिला हादसे के बाद जांच एजेंसियों ने घटनास्थल पर मलबे की गहन जांच की। कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर (ब्लैक बॉक्स) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर की तलाश की गई, पर नहीं मिला। जांच टीम विमान के तकनीकी पहलुओं, मौसम की स्थिति और उड़ान से पहले की प्रक्रियाओं की भी जांच कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ब्लैक बॉक्स मिलने से हादसे के कारणों का सटीक विश्लेषण संभव होगा। फिलहाल जांच रिपोर्ट का इंतजार है।  

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