बेटियों की योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, अधिकारियों को चेतावनी

बेटियों की योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, अधिकारियों को चेतावनी

मेधावी छात्राओं को प्रोत्साहित करने वाली राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी पद्माक्षी पुरस्कार योजना और मुख्यमंत्री हमारी बेटियां योजना के ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है। अब वर्ष 2025-26 के लिए इन दोनों योजनाओं के तहत 5 अप्रेल 2026 तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकेंगे। शिक्षा विभाग ने इस बार तिथि बढ़ाने के साथ ही अधिकारियों का पेच भी कस दिया है। बालिका शिक्षा फाउंडेशन की निदेशक एवं संयुक्त शासन सचिव (प्रारम्भिक शिक्षा) मुन्नी मीना ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (मुख्यालय-माध्यमिक) को इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए हैं।

अधिकारियों की तय की गई जवाबदेही

विभाग की ओर से जारी आदेश में अधिकारियों को पाबंद किया गया है कि निर्धारित तिथि तक हर हाल में पात्र बालिकाओं के आवेदन ऑनलाइन करवाया जाना सुनिश्चित करें। इससे उन्हें योजनाओं का लाभ मिल सके। फाउंडेशन ने अधिकारियों की सीधी जिम्मेदारी तय करते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि अंतिम तिथि तक किसी भी पात्र बालिका का प्रस्ताव यदि ऑनलाइन नहीं किया जाता है, तो उसकी समस्त जिम्मेदारी संबंधित डीईओ की होगी।

बालिका शिक्षा को लेकर सरकार गंभीर

गौरतलब है कि इन योजनाओं के माध्यम से राज्य सरकार होनहार और जरूरतमंद छात्राओं को आर्थिक सहायता और प्रोत्साहन राशि प्रदान करती है। पूर्व में कई बार विभागीय लेटलतीफी या स्कूलों की लापरवाही के कारण पात्र छात्राएं आवेदन से चूक जाती थीं। इसको ध्यान में रखते हुए इस बार विभाग ने आवेदन की तिथि बढ़ाने के साथ ही जिला शिक्षा अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही सख्ती से तय कर दी है, ताकि कोई भी योग्य बेटी अपने हक से वंचित न रहे।

जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय-माघ्यमिक) राजेन्द्र कुमार गग्गड़ का कहना है कि इस मामले में सभी सीबीईओ व संस्था प्रधान को अवगत करवा दिया है कि वे सरकार के इस आदेश की पालना करें। इसमें किसी तरह का कोताही बर्दास्त नहीं की जाएगी। लापरवाही करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। इसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार होगा।

खास बातें

  • – पद्माक्षी और हमारी बेटियां योजना के आवेदन अब 5 अप्रेल तक
  • – बालिका शिक्षा फाउंडेशन ने बढ़ाई ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि
  • – कोई भी पात्र छात्रा वंचित रही, तो जिला शिक्षा अधिकारी होंगे जिम्मेदार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *