TRE-4 को लेकर फिर आंदोलन की चेतावनी:तीन दिन का अल्टीमेटम, नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ तो छात्र सड़क पर उतरेंगे

TRE-4 को लेकर फिर आंदोलन की चेतावनी:तीन दिन का अल्टीमेटम, नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ तो छात्र सड़क पर उतरेंगे

बिहार में शिक्षक बहाली की प्रक्रिया (TRE-4) को लेकर एक बार फिर छात्रों का आक्रोश सामने आया है। छात्र नेताओं ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) और शिक्षा विभाग पर तानाशाही, मनमानी और लाखों अभ्यर्थियों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। चेतावनी दी है कि अगर मार्च अंत तक TRE-4 का विज्ञापन जारी नहीं हुआ, तो छात्र फिर से सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि करीब 45 दिन पहले BPSC की ओर से यह जानकारी दी गई थी कि मांग पत्र प्राप्त हो चुका है और जल्द ही TRE-4 का विज्ञापन जारी किया जाएगा। लेकिन अब तक कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि 18 मार्च को हुए आंदोलन के दौरान जब छात्र प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात BPSC के सचिव और परीक्षा नियंत्रक से हुई, तब अधिकारियों ने कहा था कि मांग पत्र आया था, लेकिन शिक्षा विभाग ने उसे वापस ले लिया। साथ ही यह भरोसा भी दिया गया था कि 20 मार्च की बैठक के बाद 4-5 दिनों में TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा। अब भी तीन दिन का समय है छात्र नेताओं का कहना है कि उस समय मार्च के अंत तक विज्ञापन जारी करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई प्रगति नहीं दिख रही है। ऐसे में यह संदेह पैदा हो रहा है कि क्या शिक्षा विभाग ने फिर से मांग पत्र वापस ले लिया है। दिलीप कुमार ने कहा कि अब भी तीन दिन का समय है। अगर मार्च अंत तक विज्ञापन जारी नहीं हुआ, तो इसके लिए BPSC और शिक्षा विभाग पूरी तरह जिम्मेदार होंगे और हम दोबारा आंदोलन करेंगे।
10 लाख से अधिक अभ्यर्थियों को किया जा रहा गुमराह छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि बार-बार बयान बदलकर 10 लाख से अधिक अभ्यर्थियों को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने TRE-2 बहाली का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय एक महीने के भीतर पूरी प्रक्रिया संपन्न हो गई थी, तो अब रोस्टर और अधियाचन में इतनी देरी क्यों हो रही है? उन्होंने सवाल उठाया कि क्या उस समय रोस्टर नहीं बना था या अधियाचन नहीं भेजा गया था? अगर अन्य परीक्षाओं जैसे दरोगा, सिपाही और सिविल सेवा में रोस्टर बनाने में देरी नहीं होती, तो TRE-4 में ही बाधा क्यों आ रही है? छात्र नेताओं ने राज्य के शिक्षा मंत्री पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अपने पद की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए और बार-बार अलग-अलग बयान देकर छात्रों को भ्रमित नहीं करना चाहिए।
30 मार्च को बेगूसराय में बड़ी बैठक इस मुद्दे को लेकर 30 मार्च को जीडी कॉलेज बेगूसराय में सुबह 10:30 बजे अभ्यर्थियों की एक बड़ी बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में TRE-4 के अभ्यर्थियों के साथ-साथ दरोगा, सिपाही, लाइब्रेरियन और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों को भी आमंत्रित किया गया है। BSSC पर भी उठाया सवाल छात्र नेताओं ने बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग ने परीक्षा तिथि 22 सितंबर घोषित कर दी है, लेकिन अन्य प्रक्रियाओं को लेकर स्पष्टता नहीं है। दिलीप कुमार ने तीखा सवाल करते हुए कहा कि क्या आयोग यह गारंटी देगा कि अगर समय पर विज्ञापन नहीं आया तो 10 लाख अभ्यर्थियों को नौकरी देगा? जब पहले कैलेंडर में 24 अगस्त 2024 को TRE-4 की तिथि दी गई थी और अब 2026 आ गया, तो आयोग की बातों पर भरोसा कैसे किया जाए।
जानबूझकर लटकाई जा रही प्रक्रिया दिलीप ने आरोप लगाया कि देरी का एकमात्र कारण यह है कि सरकार बहाली नहीं देना चाहती और जानबूझकर प्रक्रिया को लंबा खींचा जा रहा है ताकि अभ्यर्थियों का आंदोलन ठंडा पड़ जाए। अगर तीन दिन के अंदर विज्ञापन जारी नहीं हुआ, तो हम फिर से सड़कों पर उतरेंगे और बड़ा आंदोलन करेंगे। बिहार में शिक्षक बहाली की प्रक्रिया (TRE-4) को लेकर एक बार फिर छात्रों का आक्रोश सामने आया है। छात्र नेताओं ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) और शिक्षा विभाग पर तानाशाही, मनमानी और लाखों अभ्यर्थियों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। चेतावनी दी है कि अगर मार्च अंत तक TRE-4 का विज्ञापन जारी नहीं हुआ, तो छात्र फिर से सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि करीब 45 दिन पहले BPSC की ओर से यह जानकारी दी गई थी कि मांग पत्र प्राप्त हो चुका है और जल्द ही TRE-4 का विज्ञापन जारी किया जाएगा। लेकिन अब तक कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि 18 मार्च को हुए आंदोलन के दौरान जब छात्र प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात BPSC के सचिव और परीक्षा नियंत्रक से हुई, तब अधिकारियों ने कहा था कि मांग पत्र आया था, लेकिन शिक्षा विभाग ने उसे वापस ले लिया। साथ ही यह भरोसा भी दिया गया था कि 20 मार्च की बैठक के बाद 4-5 दिनों में TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा। अब भी तीन दिन का समय है छात्र नेताओं का कहना है कि उस समय मार्च के अंत तक विज्ञापन जारी करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई प्रगति नहीं दिख रही है। ऐसे में यह संदेह पैदा हो रहा है कि क्या शिक्षा विभाग ने फिर से मांग पत्र वापस ले लिया है। दिलीप कुमार ने कहा कि अब भी तीन दिन का समय है। अगर मार्च अंत तक विज्ञापन जारी नहीं हुआ, तो इसके लिए BPSC और शिक्षा विभाग पूरी तरह जिम्मेदार होंगे और हम दोबारा आंदोलन करेंगे।
10 लाख से अधिक अभ्यर्थियों को किया जा रहा गुमराह छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि बार-बार बयान बदलकर 10 लाख से अधिक अभ्यर्थियों को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने TRE-2 बहाली का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय एक महीने के भीतर पूरी प्रक्रिया संपन्न हो गई थी, तो अब रोस्टर और अधियाचन में इतनी देरी क्यों हो रही है? उन्होंने सवाल उठाया कि क्या उस समय रोस्टर नहीं बना था या अधियाचन नहीं भेजा गया था? अगर अन्य परीक्षाओं जैसे दरोगा, सिपाही और सिविल सेवा में रोस्टर बनाने में देरी नहीं होती, तो TRE-4 में ही बाधा क्यों आ रही है? छात्र नेताओं ने राज्य के शिक्षा मंत्री पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अपने पद की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए और बार-बार अलग-अलग बयान देकर छात्रों को भ्रमित नहीं करना चाहिए।
30 मार्च को बेगूसराय में बड़ी बैठक इस मुद्दे को लेकर 30 मार्च को जीडी कॉलेज बेगूसराय में सुबह 10:30 बजे अभ्यर्थियों की एक बड़ी बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में TRE-4 के अभ्यर्थियों के साथ-साथ दरोगा, सिपाही, लाइब्रेरियन और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों को भी आमंत्रित किया गया है। BSSC पर भी उठाया सवाल छात्र नेताओं ने बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग ने परीक्षा तिथि 22 सितंबर घोषित कर दी है, लेकिन अन्य प्रक्रियाओं को लेकर स्पष्टता नहीं है। दिलीप कुमार ने तीखा सवाल करते हुए कहा कि क्या आयोग यह गारंटी देगा कि अगर समय पर विज्ञापन नहीं आया तो 10 लाख अभ्यर्थियों को नौकरी देगा? जब पहले कैलेंडर में 24 अगस्त 2024 को TRE-4 की तिथि दी गई थी और अब 2026 आ गया, तो आयोग की बातों पर भरोसा कैसे किया जाए।
जानबूझकर लटकाई जा रही प्रक्रिया दिलीप ने आरोप लगाया कि देरी का एकमात्र कारण यह है कि सरकार बहाली नहीं देना चाहती और जानबूझकर प्रक्रिया को लंबा खींचा जा रहा है ताकि अभ्यर्थियों का आंदोलन ठंडा पड़ जाए। अगर तीन दिन के अंदर विज्ञापन जारी नहीं हुआ, तो हम फिर से सड़कों पर उतरेंगे और बड़ा आंदोलन करेंगे।  

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