ईरान (Iran) और अमेरिका (United States Of America) के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) कई मौकों पर ईरान पर हमला करने की धमकी दे चुके हैं। मिडिल ईस्ट में ट्रंप ने अपना एक शक्तिशाली नौसेना बेड़ा तैनात कर दिया है। मिडिल ईस्ट में सभी अमेरिकी ठिकानों पर मौजूद सैनिक भी अलर्ट मोड पर हैं। ट्रंप ने हाल ही में ईरान को धमकी दी है कि अगर ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम पर नया समझौता नहीं किया तो अमेरिका बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई करेगा। हालांकि ईरान भी अमेरिकी दबाव के आगे झुक नहीं रहा है। इसी बीच अब ईरान ने भी एक बार फिर अमेरिका को धमकी दे दी है।
“ट्रिगर पर हैं हमारी उंगलियाँ”
अमेरिकी धमकी के सामने बिना झुके ईरान ने भी अमेरिका को धमकी दी दी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, “हमारी बहादुर सेनाएं तैयार हैं। उनकी उंगलियाँ ट्रिगर पर हैं। हमारी धरती, वायु और समुद्र के खिलाफ किसी भी आक्रामकता का तुरंत और जोरदार जवाब दिया जाएगा।”
“हमने सबक से सीखा”
अराघची ने पिछले साल इज़रायल और ईरान के बीच 12 दिन तक चली जंग का ज़िक्र करते हुए लिखा, “12 दिन चली जंग से हमें बहुमूल्य सबक मिला और हमने इससे सीखा। इससे हमें और भी ज़्यादा सशक्त, त्वरित और प्रभावी ढंग से जवाब देने में सक्षम बनने में मदद की है।”
ईरान को नहीं चाहिए परमाणु हथियार
अराघची ने आगे लिखा, “ईरान ने हमेशा पारस्परिक रूप से फायदेमंद, निष्पक्ष और न्यायसंगत परमाणु समझौते का स्वागत किया है, जो समान स्तर पर हो और किसी भी प्रकार के दबाव, धमकी या डरावे से मुक्त हो। जो ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु प्रौद्योगिकी के अधिकार को सुनिश्चित करे और परमाणु हथियारों के निर्माण पर रोक लगाए। ऐसे हथियारों का ईरान की सुरक्षा संबंधी गणनाओं में कोई स्थान नहीं है और हमने इन्हें कभी भी हासिल करने की कोशिश नहीं की है।”


