Iran US tensions Nuclear Issue: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव जारी है। इसी बीच ईरान अपने प्रमुख परमाणु ठिकानों को कंक्रीट और मिट्टी की मोटी परतों के नीचे छिपाकर उन्हें मजबूत बंकर में बदलने की तेजी से कोशिश कर रहा है। यह खुलासा वॉशिंगटन स्थित निगरानी संस्था विज्ञान और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा संस्थान (Institute for Science and International Security) के नए सैटेलाइट विश्लेषण में हुआ है। वहीं एक्सपर्ट दावा कर रहे हैं कि मिडिल ईस्ट में किसी भी समय युद्ध हो सकता है, जो कि कई हफ्तों तक चल सकता है।
अमेरिका के साथ बातचीत जारी
संस्थान के मुताबिक हाई-रेजोल्यूशन तस्वीरों से पता चलता है कि संवेदनशील ठिकानों को तेजी से जमीन के भीतर दफन कर मजबूत किया जा रहा है। इससे ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं, जबकि अमेरिका के साथ कूटनीतिक बातचीत भी जारी है।
पारचिन में कंक्रीट से ढका नया ठिकाना
बता दें कि तेहरान से करीब 30 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित परचिन सैन्य परिसर के भीतर बने तालेघान-2 (Taleghan-2) परिसर पर 13 फरवरी की सैटेलाइट तस्वीरों में मुख्य ढांचे के चारों ओर कंक्रीट का मजबूत खोल दिखाई देता है, जिस पर अब मिट्टी डाली जा रही है।
संस्था के अध्यक्ष डेविड अलब्राइट ने चेतावनी दी कि यह सुविधा जल्द ही पूरी तरह पहचान में न आने वाला बंकर बन सकती है, जो हवाई हमलों से महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रदान करेगा।
तस्वीरों से पता चलता है कि कंक्रीट के सख्त होते ही बड़े पैमाने पर मिट्टी डाली गई। आसपास की पहाड़ियों पर जमा मिट्टी का इस्तेमाल संरचना को और गहराई से ढकने के लिए किया जा रहा है, जिससे केवल प्रवेश द्वार ही दिखाई दें।
पूरे परिसर को ऊँची सुरक्षा दीवारों से घेरा गया है। अंदर मौजूद कंक्रीट प्लांट से संकेत मिलता है कि किलेबंदी का काम अभी भी जारी है।
सुरंगों को भी मजबूत किया जा रहा
10 फरवरी की तस्वीरों में नतांज परमाणु सुविधा से करीब दो किलोमीटर दूर कोलांग-गाज ला पहाड़ के नीचे सुरंगों के प्रवेश द्वारों को मजबूत करने की गतिविधि दिखाई देती है।
पश्चिमी सुरंग के ऊपर कंक्रीट डाला जा रहा है, जबकि पूर्वी प्रवेश द्वार के सामने चट्टान और मिट्टी हटाकर अतिरिक्त परतें बिछाने की तैयारी की गई है ताकि संभावित हवाई हमले का असर कम किया जा सके।
संस्था के अनुसार यह कदम सुरंगों को हमलों से अतिरिक्त सुरक्षा देने के लिए उठाया गया है। प्रवेश द्वारों के पास छोटे बंद-छत वाले वाहन भी देखे गए, जिससे अंदर उपकरण लगाने का काम जारी होने की संभावना जताई गई है।
अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत जारी
हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है और आने वाले हफ्तों में नए प्रस्ताव की उम्मीद है, लेकिन ताजा सैटेलाइट तस्वीरों से एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है कि ईरान अपने परमाणु बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में लगा है।


