केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) ने देवरिया निवासी और WAPCOS लिमिटेड के परियोजना प्रबंधक पंकज दुबे को लखनऊ में 10 लाख रुपए की कथित रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में ठेकेदार बबलू सिंह यादव सहित कुल पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है। सीबीआई ने इस मामले में आठ नामजद और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। सीबीआई सूत्रों के अनुसार, भुवनेश्वर में निर्माण कार्यों के ठेके दिलाने और स्वीकृति पत्र (एलओए) जारी करने के बदले रिश्वत मांगने की शिकायत मिली थी। प्रारंभिक सत्यापन के बाद एसीबी लखनऊ ने जाल बिछाया। आरोप है कि ठेका आवंटन और भुगतान प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए धन की मांग की गई थी। ट्रैप के दौरान पंकज दुबे को 10 लाख रुपये लेते हुए पकड़ा गया और मौके से नकदी बरामद की गई। गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने लखनऊ के चार ठिकानों के अलावा गाजीपुर, देवरिया और भुवनेश्वर में एक दर्जन से अधिक स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। देवरिया जिले के सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र स्थित ठेंगवल दूबे गांव में पंकज दुबे के आवास पर टीम देर रात करीब दो बजे पहुंची और लगभग चार से पांच घंटे तक दस्तावेजों, डिजिटल उपकरणों और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच की। गाजीपुर में ठेकेदार बबलू सिंह यादव के ठिकानों पर भी तलाशी ली गई। वाटर एंड पावर कंसल्टेंसी सर्विसेज इंडिया लिमिटेड (WAPCOS) जल, विद्युत और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में कार्यरत केंद्र सरकार का एक उपक्रम है। इसका कॉरपोरेट कार्यालय गुरुग्राम में और क्षेत्रीय परियोजना कार्यालय भुवनेश्वर में स्थित है। आरोप है कि परियोजना प्रबंधक के तौर पर पंकज दुबे निविदा जारी करने अनुबंध, एलओए देने और बिलों के भुगतान की प्रक्रिया से जुड़े थे, जिसका उन्होंने कथित तौर पर दुरुपयोग किया।


