सेकंड हैंड फोन लेना है? सिर्फ 1 मिनट में ऐसे पता करें कि फोन असली है या चोरी का

सेकंड हैंड फोन लेना है? सिर्फ 1 मिनट में ऐसे पता करें कि फोन असली है या चोरी का

How to Check Second Hand Phone: नया स्मार्टफोन खरीदने का मन तो सबका होता है, लेकिन बजट आड़े आ जाता है। ऐसे में सेकंड हैंड या पुराना फोन खरीदना एक समझदारी भरा फैसला लगता है। पर रुकिए… बाजार में चोरी के फोन या अंदरूनी खराबी वाले फोन भी धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं। अगर आपने बिना जांचे-परखे फोन ले लिया, तो आपके पैसे भी डूब सकते हैं और आप कानूनी पचड़े में भी फंस सकते हैं।

घबराइए मत, पुराना फोन खरीदते समय आपको किसी मैकेनिक के पास जाने की जरूरत नहीं है। बस ये दो आसान तरीके अपनाएं और फोन की पूरी कुंडली आपके सामने होगी।

चोरी का फोन तो नहीं है, ऐसे लगाएं पता

सबसे पहले यह पक्का करना जरूरी है कि जो फोन आप खरीद रहे हैं, वो पुलिस रिकॉर्ड में ब्लैकलिस्टेड या चोरी का तो नहीं है। इसके लिए भारत सरकार की KYM (Know Your Mobile) सेवा सबसे बेस्ट है।

क्या करना होगा?

  • उस फोन का डायलर खोलें और *#06# टाइप करें। स्क्रीन पर 15 अंकों का IMEI नंबर आ जाएगा। इसे कहीं नोट कर लें या कॉपी कर लें।
  • अब अपने फोन के मैसेज बॉक्स में जाएं। एक नया मैसेज टाइप करें: KYM <एक स्पेस दें> अपना 15 अंकों का IMEI नंबर लिखें। (ध्यान रहे, KYM लिखने के बाद एक स्पेस देना जरूरी है)।
  • इस मैसेज को 14422 पर भेज दें।

मैसेज भेजने के कुछ ही सेकंड बाद आपको एक जवाब मिलेगा। अगर रिप्लाई में फोन का स्टेटस ‘Blacklisted’ या कोई और गड़बड़ दिखे, तो समझ लीजिए कि दाल में कुछ काला है। ऐसे फोन से तुरंत तौबा कर लें।

अंदर से कैसा है फोन? डायग्नोस्टिक्स बताएगा सच

फोन बाहर से देखने में बिल्कुल चकाचक लग सकता है, लेकिन हो सकता है कि उसका सेंसर, कैमरा या स्पीकर ठीक से काम न कर रहा हो। अगर आप Oppo, Vivo, Realme या OnePlus जैसा फोन ले रहे हैं, तो इसमें एक खास फीचर आपकी मदद करेगा।

चेक करने का तरीका: इन ब्रांड्स के फोन में पहले से ही Phone Manager नाम का एक ऐप होता है (Vivo में इसे iManager कहते हैं)। इस ऐप को खोलें। यहां दाईं ओर कोने में ऊपर की तरफ आपको तीन डॉट या मेन्यू दिखेगा, वहां जाकर Diagnostics (डायग्नोस्टिक्स) का ऑप्शन चुनें।

जैसे ही आप इसे चालू करेंगे, फोन खुद ही अपने सभी पुर्जों का टेस्ट लेना शुरू कर देगा। कुछ ही मिनटों में आपके सामने एक रिपोर्ट आ जाएगी कि फोन का टच, कैमरा, बैटरी और बटन सही सलामत हैं या नहीं।

एक जरूरी बात

पुराना फोन लेते समय सिर्फ सॉफ्टवेयर पर भरोसा न करें। फोन को चार्ज पर लगाकर देखें कि बैटरी सही से चार्ज हो रही है या नहीं। साथ ही, सिम डालकर कॉल करके आवाज की क्वालिटी भी चेक कर लें। अगर बेचने वाला व्यक्ति फोन का ओरिजिनल बिल दे रहा है, तो यह सबसे सुरक्षित सौदा है।

थोड़ी सी सावधानी बरतकर आप न केवल अपने पैसे बचा सकते हैं, बल्कि एक शानदार वर्किंग फोन भी पा सकते हैं।

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