गोंडा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नगर उपाध्यक्ष दिनेश कश्यप के फर्जी हस्ताक्षर और मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर उनके वार्ड के लोगों के वोट कटवाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब गोंडा सदर से पूर्व सपा प्रत्याशी सूरज सिंह ने काटे गए वोटों की जांच की। मौके पर लोगों से पूछताछ के दौरान उन्हें फॉर्म-7 पर दिनेश कश्यप के हस्ताक्षर मिले। जब सूरज सिंह ने दिनेश कश्यप से इस बारे में पूछा, तो उन्होंने कैमरे पर बताया कि उन्होंने किसी भी फॉर्म पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। कश्यप ने आरोप लगाया कि उनके नाम का गलत फायदा उठाकर लोग उनके मोहल्ले के वोट कटवा रहे हैं। इस घटना पर समाजवादी पार्टी (सपा) के सुप्रीमो अखिलेश यादव ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि फॉर्म-7 के दुरुपयोग के खिलाफ खड़े हर ‘पीडीए प्रहरी’ का अभिनंदन है। यादव ने लिखा, “आज वोट छीनने वाले कल को जनता का बाकी सब भी छीन लेंगे। इसमें भाजपाई भी शामिल होंगे, कोई बचेगा नहीं। भाजपाई भी याद रखें, ठगों का रिश्ता सिर्फ ठगी से होता है और किसी से नहीं। इसे कहते हैं: अंधेर नगरी, चौपट आयोग।” भाजपा नगर उपाध्यक्ष दिनेश कश्यप ने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि वह पूर्व में भाजपा के सभासद रह चुके हैं और उनके वार्ड में कई लोगों के नाम गलत तरीके से काटे गए हैं। उन्होंने बताया कि जनता उन्हें इस मामले को लेकर परेशान कर रही है। कश्यप ने स्पष्ट किया कि फॉर्म पर उनके हस्ताक्षर नहीं हैं और उन्होंने इसकी जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि वह भाजपा के नगर उपाध्यक्ष हैं और उनके नाम का नाजायज फायदा उठाकर लोगों के नाम मतदाता सूची से हटवाए जा रहे हैं।


