वोडाफोन-आइडिया (Vi) को अहमदाबाद के सेंट्रल गुड्स एंड सर्विस टैक्स (CGST) कमिश्नर ऑफिस से करीब 638 रुपए करोड़ का पेनल्टी नोटिस मिला है। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में इसकी जानकारी दी है। वोडाफोन-आइडिया का कहना है कि वह इस टैक्स डिमांड से सहमत नहीं है और इसके खिलाफ कानूनी कदम उठाएगी। टैक्स की कम पेमेंट और गलत इनपुट क्रेडिट का आरोप
अहमदाबाद के एडिशनल कमिश्नर ऑफिस की ओर से जारी इस आदेश में आरोप लगाया गया है कि वोडाफोन-आइडिया ने टैक्स का भुगतान कम किया है। साथ ही, कंपनी पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का ज्यादा इस्तेमाल करने का भी आरोप है। यह आदेश सेंट्रल गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स एक्ट, 2017 की धारा 74 के तहत जारी किया गया है। इसमें ₹6,37,90,68,254 की पेनल्टी के साथ-साथ बकाया टैक्स और उस पर लगने वाले ब्याज की मांग भी की गई है। कंपनी बोली- हम आदेश से सहमत नहीं, चुनौती देंगे
स्टॉक एक्सचेंज (BSE) को दी गई जानकारी में कंपनी ने कहा है कि हम इस आदेश से सहमत नहीं हैं और इसके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करेंगे। आमतौर पर ऐसी स्थितियों में कंपनियां अपीलेट ट्रिब्यूनल या हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाती हैं। कल सरकार ने बकाया चुकाने लेकर दी थी राहत
इससे पहले कर्ज में डूबी टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया को केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी। कल यानी 31 दिसंबर सरकार ने कंपनी पर बकाया एजीआर (एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू) को 87,695 करोड़ रुपए पर फ्रीज कर दिया है। इसका मतलब है कि कंपनी को अब यह भारी-भरकम राशि तुरंत नहीं चुकानी होगी। सरकारी न्यूज एजेंसी ANI और PTI के सूत्रों के मुताबिक, यह भुगतान अब वित्त वर्ष 2032 से 2041 के बीच 10 साल की विंडो में करना होगा। AGR टेलीकॉम कंपनियों की कमाई का वह हिस्सा है जिस पर सरकार लाइसेंस शुल्क और स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क (SUC) लगाती है।
वोडाफोन-आइडिया को ₹638 करोड़ का GST नोटिस:कंपनी बोली- इस टैक्स डिमांड से सहमत नहीं, इसके खिलाफ कानूनी कदम उठाएगी


