मुंगेर के पोलो मैदान में एक दिवसीय जिला स्तरीय नियोजन सह व्यावसायिक मार्गदर्शन मेले का उद्घाटन जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पणीकर ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस मेले का उद्देश्य बेरोजगार युवक-युवतियों को रोजगार और मार्गदर्शन प्रदान करना है। उद्घाटन के अवसर पर उप निदेशक, नियोजन भागलपुर शम्भु नाथ सुधारक, सहायक निदेशक मो. तोसीफ कयाम और जिला नियोजन पदाधिकारी राणा अमितेश सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। उपस्थित बेरोजगार युवक-युवतियों को संबोधित करते हुए डीएम निखिल धनराज निप्पणीकर ने कहा कि बिहार सरकार का स्पष्ट लक्ष्य राज्य के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य से राज्य में औद्योगिकीकरण को निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुंगेर जिले में मदर डेयरी का प्लांट स्थापित किया जा रहा है, जिससे बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इसके साथ ही असरगंज प्रखंड क्षेत्र में 500 एकड़ भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है, जिस पर कार्य प्रगति पर है। जिलाधिकारी ने कहा कि आने वाले समय में युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार उपलब्ध होगा। उन्होंने बताया कि इस रोजगार मेले में कुल 22 कंपनियों के स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें फिलहाल अधिकांश नौकरियां राज्य के बाहर की हैं, लेकिन भविष्य में स्थिति में सकारात्मक बदलाव आएगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उन्होंने युवाओं से धैर्य रखने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। डीएम ने यह भी कहा कि उद्योग विभाग द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे ऋण के माध्यम से बेरोजगार युवक-युवतियां अपना स्वरोजगार भी प्रारंभ कर सकते हैं। वहीं, उप निदेशक नियोजन भागलपुर शम्भु नाथ सुधारक ने कहा कि इस मेले का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि इस मेले में 22 नियोजक भाग ले रहे हैं, जिनके माध्यम से 800 से 1000 बेरोजगार युवाओं को रोजगार प्रदान किए जाने की संभावना है। उन्होंने बताया कि जिला नियोजनालय द्वारा स्वरोजगार से जुड़े 12 युवकों को टूल किट प्रदान की गई, जबकि 20 युवक-युवतियों को स्टडी किट दी गई, जो बीएसपी, रेलवे सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। मेले में शामिल बेरोजगार युवक-युवतियों ने इस आयोजन को लाभकारी बताया। उनका कहना था कि ऐसे रोजगार मेलों से न केवल नौकरी की संभावनाएं बढ़ती हैं, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी आवश्यक संसाधन उपलब्ध होते हैं। युवाओं ने सरकार की इस पहल की सराहना की। मुंगेर के पोलो मैदान में एक दिवसीय जिला स्तरीय नियोजन सह व्यावसायिक मार्गदर्शन मेले का उद्घाटन जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पणीकर ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस मेले का उद्देश्य बेरोजगार युवक-युवतियों को रोजगार और मार्गदर्शन प्रदान करना है। उद्घाटन के अवसर पर उप निदेशक, नियोजन भागलपुर शम्भु नाथ सुधारक, सहायक निदेशक मो. तोसीफ कयाम और जिला नियोजन पदाधिकारी राणा अमितेश सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। उपस्थित बेरोजगार युवक-युवतियों को संबोधित करते हुए डीएम निखिल धनराज निप्पणीकर ने कहा कि बिहार सरकार का स्पष्ट लक्ष्य राज्य के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य से राज्य में औद्योगिकीकरण को निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुंगेर जिले में मदर डेयरी का प्लांट स्थापित किया जा रहा है, जिससे बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इसके साथ ही असरगंज प्रखंड क्षेत्र में 500 एकड़ भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है, जिस पर कार्य प्रगति पर है। जिलाधिकारी ने कहा कि आने वाले समय में युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार उपलब्ध होगा। उन्होंने बताया कि इस रोजगार मेले में कुल 22 कंपनियों के स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें फिलहाल अधिकांश नौकरियां राज्य के बाहर की हैं, लेकिन भविष्य में स्थिति में सकारात्मक बदलाव आएगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उन्होंने युवाओं से धैर्य रखने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। डीएम ने यह भी कहा कि उद्योग विभाग द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे ऋण के माध्यम से बेरोजगार युवक-युवतियां अपना स्वरोजगार भी प्रारंभ कर सकते हैं। वहीं, उप निदेशक नियोजन भागलपुर शम्भु नाथ सुधारक ने कहा कि इस मेले का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि इस मेले में 22 नियोजक भाग ले रहे हैं, जिनके माध्यम से 800 से 1000 बेरोजगार युवाओं को रोजगार प्रदान किए जाने की संभावना है। उन्होंने बताया कि जिला नियोजनालय द्वारा स्वरोजगार से जुड़े 12 युवकों को टूल किट प्रदान की गई, जबकि 20 युवक-युवतियों को स्टडी किट दी गई, जो बीएसपी, रेलवे सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। मेले में शामिल बेरोजगार युवक-युवतियों ने इस आयोजन को लाभकारी बताया। उनका कहना था कि ऐसे रोजगार मेलों से न केवल नौकरी की संभावनाएं बढ़ती हैं, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी आवश्यक संसाधन उपलब्ध होते हैं। युवाओं ने सरकार की इस पहल की सराहना की।


