बस्ती में शनिवार को विश्व हिंदू महासंघ ने यूजीसी कानून के विरोध में प्रदर्शन किया। संगठन के जिलाध्यक्ष अखिलेश सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने न्याय मार्ग के समीप इकट्ठा होकर कानून को समाज को तोड़ने वाला बताया और इसे वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अखिलेश सिंह ने कहा कि विश्व हिंदू महासंघ भारतीय जनता पार्टी का समर्थक है, लेकिन यूजीसी कानून हिंदू समाज को बांटने का काम कर रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नारे “बटेंगे तो कटेंगे” और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नारे “एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे” का जिक्र किया। सिंह ने कहा कि इन्हीं नारों के सहारे कई राज्यों में चुनाव जीते गए, लेकिन अब उसी हिंदू समाज को बांटने का प्रयास किया जा रहा है। अखिलेश सिंह ने बचपन के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि स्कूलों में दलित, पिछड़ा और सामान्य वर्ग के बच्चे एक साथ पढ़ते थे, टिफिन साझा करते थे और एक-दूसरे के घर भोजन करते थे। उन्होंने आशंका जताई कि यदि यह कानून पूरी तरह लागू हुआ तो लोगों के मन में डर पैदा होगा, आपसी दूरी बढ़ेगी और समाज में विभाजन की स्थिति उत्पन्न होगी। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूलों में बच्चों को अलग-अलग कमरों में बैठाया जा सकता है, जो सामाजिक समरसता के लिए हानिकारक है। सिंह ने जोर देकर कहा कि यह कानून समाज को जोड़ने के बजाय तोड़ने वाला है। विश्व हिंदू महासंघ इसका पुरजोर विरोध करता है और सरकार से इस कानून पर पुनर्विचार करने की मांग करता है। प्रदर्शन में संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।


