“विशाल 4 साल से प्रेम संबंधों को लेकर मानसिक तनाव में था। आठवीं कक्षा से ही वह एक छात्रा के साथ रिलेशनशिप में था। वो 12 लडकों के साथ बात करती थी। इस धोखे ने मेरे दोस्त को तोड़ दिया।” ये कहना है कि विशाल के रूममेट अभिषेक यादव का। दरअसल, भागलपुर में इंटरमीडिएट परीक्षा के पहले ही दिन सोमवार को साइंस के छात्र ने लॉज में सुसाइड कर लिया। मृतक की पहचान विशाल यादव (17) के तौर पर की गई है। उर्दू बाजार स्थित सीता सदन लॉज में रहकर पढ़ाई कर रहा था। लड़की मेरे दोस्त को धोखा दे रही थी रूममेट अभिषेक ने बताया कि इंटर की पढ़ाई के लिए विशाल भागलपुर आया, जबकि प्रेमिका देवघर चली गई। कुछ समय बाद विशाल ने लड़की (17) को भागलपुर बुला लिया। वह घूरन पीर बाबा चौक के पास एक निजी लॉज में रहने लगी थी। दोनों एक दूसरे से रुम पर भी मिलते थे। दोनों परीक्षा की तैयारी कर रहे थे और प्रेमिका का एडमिट कार्ड भी आ चुका था। विशाल अपनी प्रेमिका को पत्नी मानता था, लेकिन उसे शक था कि वह अन्य कई लड़कों से बातचीत करती है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच बीते चार साल में कई बार झगड़ा हुआ। विशाल को लड़की धोखा दे रही थी। वो कम से कम 12 लड़कों से बात करती थी।
3 महीने पहले की थी सुसाइड की कोशिश अभिषेक ने आगे कहा कि प्रेमिका के जीजा ने रिलेशनशिप खत्म करने का विशाल पर दबाव बनाया और धमकी भी दी थी। तीन महीने पहले भी प्रेमिका से झगड़े के बाद विशाल की मानसिक स्थिति बेहद खराब हो गई थी, जिसके बाद उसे श्रीराम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उस दौरान उसने ब्लेड से खुद को घायल भी किया था। घटना से दो दिन पहले भी विवाद हुआ था, तब दोस्तों ने उसे समझाकर अपने कमरे पर भेजा था। मैं 15 दिन पहले घर चला गया था। विशाल की गर्लप्रेंड उसके मामा के घर के पास ही रहती है। विशाल ने सोच लिया था कि नो इससे ही बिना दहेज का शादी करेगा। लेकिन, उसके धोखे को ये बर्दाश्त नहीं पाया। लड़की ने मेरे दोस्त का इस्तेमाल किया है। पिता से की थी आखिरी बातचीत विशाल के पिता प्रमोद यादव ने बताया कि रविवार रात बेटे से मोबाइल पर बातचीत हुई थी। उसने राशन के लिए पैसे भेजने की बात कही थी। सोमवार सुबह करीब साढ़े सात बजे कॉल किया गया, लेकिन उसने फोन रिसीव नहीं किया। दोपहर करीब एक बजे मकान मालिक का फोन आया, जिसमें बेटे के आत्महत्या की सूचना दी गई। विशाल परीक्षा के एडमिट कार्ड में नाम की गलती को लेकर भी परेशान था। उसने बताया था कि स्कूल प्रबंधन ने में परीक्षा में सुधार का आश्वासन दिया है। इसी वजह से वह तनाव में था। मौके से सुसाइड नोट नहीं मिला सोमवार सुबह जब काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला, तो मकान मालिक ने खिड़की से झांक कर देखा। विशाल पंखे की कुंडी से प्लास्टिक की रस्सी के सहारे लटका हुआ था। सूचना पर परिजन पुलिस मौके पर पहुंची। शव को उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। इधर्, घटना की जानकारी मिलते ही तातारपुर थाना इंस्पेक्टर रवि शंकर मौके पर पहुंचे और कमरे को सील कर दिया। मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने लॉज संचालक, आसपास के लोगों और छात्रों से पूछताछ की है। इंस्पेक्टर रवि शंकर ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। पुलिस ने गेट तोड़कर निकाला बाहर मृतक के फुफेरे भाई गिरधारी यादव ने बताया कि पुलिस ने गेट तोड़कर शव बाहर निकाला। हमें दोपहर 2 बजे सुसाइड की जानकारी मिली। विशाल का एक दोस्त भी उसी कमरे में रहता था, लेकिन वह पिछले 15 दिनों से बाहर गया हुआ था। हमारे आने के बाद पुलिस ने फंदे से लाश को नीचे उतारा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। “विशाल 4 साल से प्रेम संबंधों को लेकर मानसिक तनाव में था। आठवीं कक्षा से ही वह एक छात्रा के साथ रिलेशनशिप में था। वो 12 लडकों के साथ बात करती थी। इस धोखे ने मेरे दोस्त को तोड़ दिया।” ये कहना है कि विशाल के रूममेट अभिषेक यादव का। दरअसल, भागलपुर में इंटरमीडिएट परीक्षा के पहले ही दिन सोमवार को साइंस के छात्र ने लॉज में सुसाइड कर लिया। मृतक की पहचान विशाल यादव (17) के तौर पर की गई है। उर्दू बाजार स्थित सीता सदन लॉज में रहकर पढ़ाई कर रहा था। लड़की मेरे दोस्त को धोखा दे रही थी रूममेट अभिषेक ने बताया कि इंटर की पढ़ाई के लिए विशाल भागलपुर आया, जबकि प्रेमिका देवघर चली गई। कुछ समय बाद विशाल ने लड़की (17) को भागलपुर बुला लिया। वह घूरन पीर बाबा चौक के पास एक निजी लॉज में रहने लगी थी। दोनों एक दूसरे से रुम पर भी मिलते थे। दोनों परीक्षा की तैयारी कर रहे थे और प्रेमिका का एडमिट कार्ड भी आ चुका था। विशाल अपनी प्रेमिका को पत्नी मानता था, लेकिन उसे शक था कि वह अन्य कई लड़कों से बातचीत करती है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच बीते चार साल में कई बार झगड़ा हुआ। विशाल को लड़की धोखा दे रही थी। वो कम से कम 12 लड़कों से बात करती थी।
3 महीने पहले की थी सुसाइड की कोशिश अभिषेक ने आगे कहा कि प्रेमिका के जीजा ने रिलेशनशिप खत्म करने का विशाल पर दबाव बनाया और धमकी भी दी थी। तीन महीने पहले भी प्रेमिका से झगड़े के बाद विशाल की मानसिक स्थिति बेहद खराब हो गई थी, जिसके बाद उसे श्रीराम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उस दौरान उसने ब्लेड से खुद को घायल भी किया था। घटना से दो दिन पहले भी विवाद हुआ था, तब दोस्तों ने उसे समझाकर अपने कमरे पर भेजा था। मैं 15 दिन पहले घर चला गया था। विशाल की गर्लप्रेंड उसके मामा के घर के पास ही रहती है। विशाल ने सोच लिया था कि नो इससे ही बिना दहेज का शादी करेगा। लेकिन, उसके धोखे को ये बर्दाश्त नहीं पाया। लड़की ने मेरे दोस्त का इस्तेमाल किया है। पिता से की थी आखिरी बातचीत विशाल के पिता प्रमोद यादव ने बताया कि रविवार रात बेटे से मोबाइल पर बातचीत हुई थी। उसने राशन के लिए पैसे भेजने की बात कही थी। सोमवार सुबह करीब साढ़े सात बजे कॉल किया गया, लेकिन उसने फोन रिसीव नहीं किया। दोपहर करीब एक बजे मकान मालिक का फोन आया, जिसमें बेटे के आत्महत्या की सूचना दी गई। विशाल परीक्षा के एडमिट कार्ड में नाम की गलती को लेकर भी परेशान था। उसने बताया था कि स्कूल प्रबंधन ने में परीक्षा में सुधार का आश्वासन दिया है। इसी वजह से वह तनाव में था। मौके से सुसाइड नोट नहीं मिला सोमवार सुबह जब काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला, तो मकान मालिक ने खिड़की से झांक कर देखा। विशाल पंखे की कुंडी से प्लास्टिक की रस्सी के सहारे लटका हुआ था। सूचना पर परिजन पुलिस मौके पर पहुंची। शव को उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। इधर्, घटना की जानकारी मिलते ही तातारपुर थाना इंस्पेक्टर रवि शंकर मौके पर पहुंचे और कमरे को सील कर दिया। मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने लॉज संचालक, आसपास के लोगों और छात्रों से पूछताछ की है। इंस्पेक्टर रवि शंकर ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। पुलिस ने गेट तोड़कर निकाला बाहर मृतक के फुफेरे भाई गिरधारी यादव ने बताया कि पुलिस ने गेट तोड़कर शव बाहर निकाला। हमें दोपहर 2 बजे सुसाइड की जानकारी मिली। विशाल का एक दोस्त भी उसी कमरे में रहता था, लेकिन वह पिछले 15 दिनों से बाहर गया हुआ था। हमारे आने के बाद पुलिस ने फंदे से लाश को नीचे उतारा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।


