आईपीएल के नए सीजन की शुरुआत में ही विराट कोहली ने एक बार फिर दिखा दिया कि क्यों उन्हें इस लीग का सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज माना जाता है। लंबे अंतराल के बाद छोटे प्रारूप में वापसी करते हुए उन्होंने नाबाद 69 रन की पारी खेलकर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 202 रन के लक्ष्य तक आसानी से पहुंचा दिया है।
बता दें कि इस मुकाबले में कोहली ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया, जिससे टीम को सीजन की मजबूत शुरुआत मिली है। मौजूद जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ सत्रों में कोहली के खेल में खास बदलाव देखने को मिला है, खासकर बड़े शॉट खेलने की क्षमता में इजाफा हुआ है।
गौरतलब है कि दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज डेल स्टेन ने भी कोहली की इसी बदलाव की तारीफ की। उनका कहना है कि बड़े खिलाड़ी अक्सर अपने खेल में छोटे-छोटे सुधार करते हैं और कोहली ने भी यही किया है, जिससे उनकी छक्के लगाने की क्षमता पहले से बेहतर हुई है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, कोहली का बल्लेबाजी नजरिया भी समय के साथ बदला है। पहले जहां वह तय शॉट्स पर निर्भर रहते थे, वहीं अब परिस्थितियों के अनुसार खेलते हुए जोखिम लेने से भी पीछे नहीं हटते हैं। यही वजह है कि पावरप्ले के दौरान उनका आक्रामक रुख टीम के लिए फायदेमंद साबित हो रहा।
इस बीच, युवा बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने भी कोहली की भूमिका को अहम बताया है। उनका कहना है कि कोहली की मौजूदगी से उन पर दबाव कम हो जाता है और वह खुलकर खेलने में सफल रहते हैं। पडिक्कल के मुताबिक, कोहली ने उन्हें सिर्फ रन गति बनाए रखने और गेंदबाजों पर दबाव बनाने की सलाह दी थी, जिससे टीम को लक्ष्य हासिल करने में आसानी हुई है।
गौरतलब है कि टीम प्रबंधन और कोचिंग स्टाफ का भी इसमें अहम योगदान रहा है। बताया जा रहा है कि मुख्य कोच एंडी फ्लावर और बल्लेबाजी कोच दिनेश कार्तिक ने खिलाड़ियों के खेल को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
कुल मिलाकर देखा जाए तो कोहली का अनुभव, बदली हुई सोच और लगातार सुधार की कोशिशें उन्हें आज भी इस लीग का सबसे खतरनाक बल्लेबाज बनाती हैं और यही वजह है कि वह हर नए सत्र में अपने खेल से अलग पहचान बना रहे हैं।


