Viral Hepatitis Outbreak: हरियाणा के चायंसा गांव में हाल ही में कई लोगों की अचानक मौत से पूरे इलाके में डर और चिंता का माहौल बन गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक मरने वालों की संख्या 12 तक बताई जा रही है, जिनमें पांच बच्चे भी शामिल हैं। हालांकि प्रशासन ने फिलहाल 7 मौतों की ही आधिकारिक पुष्टि की है।
इन मौतों में से 4 लोगों की मौत हेपेटाइटिस बी संक्रमण से हुई बताई गई है। शुरुआती जांच में वायरल हेपेटाइटिस और दूषित पानी को संभावित कारण माना जा रहा है, लेकिन अभी अंतिम पुष्टि नहीं हुई है।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
यह गांव पलवल जिले में स्थित है, जो हरियाणा का हिस्सा है। घटना सामने आने के बाद प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया है। मेडिकल टीमों को गांव में तैनात किया गया है और लोगों के खून के नमूने लेकर जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग मृतकों की मेडिकल हिस्ट्री और इलाज से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाल रहा है। इसके लिए आसपास के अस्पतालों से जानकारी जुटाई जा रही है, जिसमें नल्हड़ मेडिकल कॉलेज भी शामिल है। अधिकारियों का कहना है कि 11 फरवरी के बाद कोई नई मौत सामने नहीं आई है और हालात फिलहाल नियंत्रण में हैं, लेकिन निगरानी लगातार जारी है।
वायरल हेपेटाइटिस क्या होता है?
वायरल हेपेटाइटिस एक संक्रमण है जो लिवर में सूजन पैदा करता है। यह बीमारी कुछ समय के लिए भी हो सकती है और कई मामलों में लंबे समय तक बनी रह सकती है। संक्रमण आमतौर पर संक्रमित खून या शरीर के तरल पदार्थों के संपर्क से फैलता है। क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, समय पर इलाज न मिलने पर यह बीमारी गंभीर लिवर डैमेज या जानलेवा स्थिति पैदा कर सकती है। वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक दुनियाभर में करोड़ों लोग हेपेटाइटिस बी और सी से संक्रमित हैं और हर साल लाखों लोगों की मौत इससे जुड़ी जटिलताओं से होती है।
वायरल हेपेटाइटिस के आम लक्षण
- ज्यादा थकान या कमजोरी
- भूख कम लगना
- पेट में दर्द
- गहरे रंग का पेशाब
- बुखार
- आंखों और त्वचा का पीला होना (पीलिया)
- उल्टी या जी मिचलाना
अगर ये लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।
बचाव के आसान तरीके
- साफ और सुरक्षित पानी ही पिएं
- हाथों की साफ-सफाई रखें
- संक्रमित सुई या इंजेक्शन का इस्तेमाल न करें
- सुरक्षित यौन संबंध बनाएं
- हेपेटाइटिस A और B का टीका जरूर लगवाएं
जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव
चायंसा गांव की घटना ने यह साफ कर दिया है कि साफ पानी, स्वच्छता और समय पर जांच बेहद जरूरी है। थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर बीमारी का कारण बन सकती है। इसलिए सावधानी और जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।


