कपिलवस्तु महोत्सव 2026 का समापन समारोह आम जनता के लिए नहीं, बल्कि वीआईपी और वीवीआईपी के लिए सिमट कर रह गया। सरकारी खजाने से आयोजित इस महोत्सव का उद्देश्य संस्कृति और मनोरंजन को बढ़ावा देना था, लेकिन 1 फरवरी को भोजपुरी स्टार पवन सिंह के कार्यक्रम में आम लोगों को प्रवेश नहीं मिला। महोत्सव परिसर में प्रवेश के लिए सत्ताधारी नेताओं की सिफारिश या प्रशासनिक अधिकारियों का प्रभाव महत्वपूर्ण रहा। प्रवेश द्वार पर पास या कार्ड के बजाय मोबाइल फोन पर बड़े अधिकारियों या नेताओं से बात कराने वालों को प्राथमिकता दी गई। इसके विपरीत, बच्चों और परिवार के साथ पहुंचे आम लोग घंटों गेट के बाहर खड़े रहे। 5 तस्वीरें देखिए… दैनिक भास्कर की टीम ने बिना आधिकारिक पास के फोन और रसूख के दम पर अंदर जाते लोगों को कैमरे में कैद किया। इस पर प्रशासन असहज दिखा। मौके पर मौजूद एसडीएम शशांक शेखर राय से जब प्रवेश नियमों को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने जवाब देने के बजाय कैमरा बंद करा दिया। प्रशासन का यह रवैया पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है।


