अरवल सदर अस्पताल में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब इलाज कराने पहुंचे दो पक्षों के लोग आपस में भिड़ गए। इस घटना से अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए अराजकता का माहौल बन गया। यह मामला सदर थाना क्षेत्र के हसनपुरा गांव का है। जानकारी के अनुसार, महेंद्र यादव और श्री भगवान यादव आपस में भाई हैं और उनके बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। इस विवाद को सुलझाने के लिए पंचायत स्तर पर कई बार प्रयास किए गए, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका। शनिवार सुबह दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो जल्द ही गाली-गलौज और फिर लाठी-डंडे तथा ईंट-पत्थर चलने तक पहुंच गई। इस झड़प में दोनों पक्षों के कुल आठ लोग घायल हो गए। घायलों में दुखित यादव, दूधनाथ कुमार, उर्मिला देवी, रविन्द्र कुमार, नागेंद्र कुमार, श्री भगवान यादव, किरण देवी और सावित्री देवी शामिल हैं। सभी को आसपास के ग्रामीणों और पुलिस की मदद से इलाज के लिए अरवल सदर अस्पताल लाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। हालांकि, अस्पताल पहुंचने के बाद भी दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे को देखते ही फिर से भिड़ गए। इस दूसरी झड़प से पूरे अस्पताल परिसर में अराजकता फैल गई। ईंट-पत्थर चलने के डर से मरीज, उनके परिजन और अन्य लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में इधर-उधर भागने लगे। कुछ देर के लिए अस्पताल परिसर में दहशत का माहौल बन गया। अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों और सूचना मिलने पर पहुंचे सदर थाना अध्यक्ष दरबारी चौधरी ने अपने दल-बल के साथ तथा वहां मौजूद लोगों की मदद से किसी तरह बीच-बचाव कर स्थिति को नियंत्रित किया। इस घटना पर अस्पताल उपाधीक्षक डॉक्टर रमन आर्यभट्ट ने बताया कि अस्पताल प्रशासन ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा। सदर थाना अध्यक्ष ने जानकारी दी कि दोनों पक्षों से आवेदन प्राप्त होने के बाद मामले की जांच की जाएगी और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। अरवल सदर अस्पताल में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब इलाज कराने पहुंचे दो पक्षों के लोग आपस में भिड़ गए। इस घटना से अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए अराजकता का माहौल बन गया। यह मामला सदर थाना क्षेत्र के हसनपुरा गांव का है। जानकारी के अनुसार, महेंद्र यादव और श्री भगवान यादव आपस में भाई हैं और उनके बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। इस विवाद को सुलझाने के लिए पंचायत स्तर पर कई बार प्रयास किए गए, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका। शनिवार सुबह दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो जल्द ही गाली-गलौज और फिर लाठी-डंडे तथा ईंट-पत्थर चलने तक पहुंच गई। इस झड़प में दोनों पक्षों के कुल आठ लोग घायल हो गए। घायलों में दुखित यादव, दूधनाथ कुमार, उर्मिला देवी, रविन्द्र कुमार, नागेंद्र कुमार, श्री भगवान यादव, किरण देवी और सावित्री देवी शामिल हैं। सभी को आसपास के ग्रामीणों और पुलिस की मदद से इलाज के लिए अरवल सदर अस्पताल लाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। हालांकि, अस्पताल पहुंचने के बाद भी दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे को देखते ही फिर से भिड़ गए। इस दूसरी झड़प से पूरे अस्पताल परिसर में अराजकता फैल गई। ईंट-पत्थर चलने के डर से मरीज, उनके परिजन और अन्य लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में इधर-उधर भागने लगे। कुछ देर के लिए अस्पताल परिसर में दहशत का माहौल बन गया। अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों और सूचना मिलने पर पहुंचे सदर थाना अध्यक्ष दरबारी चौधरी ने अपने दल-बल के साथ तथा वहां मौजूद लोगों की मदद से किसी तरह बीच-बचाव कर स्थिति को नियंत्रित किया। इस घटना पर अस्पताल उपाधीक्षक डॉक्टर रमन आर्यभट्ट ने बताया कि अस्पताल प्रशासन ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा। सदर थाना अध्यक्ष ने जानकारी दी कि दोनों पक्षों से आवेदन प्राप्त होने के बाद मामले की जांच की जाएगी और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।


