शिवहर के तरियानी प्रखंड स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय अटकोनी में ‘बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ के तहत एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सह जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीपक कुमार के निर्देश और सचिव सह न्यायिक पदाधिकारी ललन कुमार के मार्गदर्शन में हुआ। यह आयोजन ‘आशा पहल’ के अंतर्गत चल रहे 100 दिवसीय अभियान का हिस्सा है, जो मार्च तक जारी रहेगा। इसका मुख्य उद्देश्य बाल विवाह के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना है। कार्यक्रम में अधिकार मित्र पीएलवी मोहन कुमार ने बाल विवाह को कानूनी अपराध बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि लड़कियों की शादी की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़कों की 21 वर्ष निर्धारित है। कुमार ने कहा कि कम उम्र में विवाह बच्चों के शिक्षा, स्वास्थ्य और समुचित विकास के अधिकारों का हनन है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के भविष्य को प्राथमिकता देने की अपील की। बाल विवाह में शामिल व्यक्तियों पर कानूनी कार्रवाई सवेरा स्वयंसेवी संगठन के सामाजिक कार्यकर्ता संतोष कुमार ने चेतावनी दी कि बाल विवाह में शामिल सभी व्यक्तियों पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से भी इस पर सतर्क निगरानी रखने और सरकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने का आग्रह किया। इस जागरूकता कार्यक्रम में उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक डॉ. मुनचुन बैठा, मोहम्मद इमरान, राजकीय मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक सोनेलाल शाह, शिक्षक रामनिवास कुमार और रेणु कुमारी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। शिवहर के तरियानी प्रखंड स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय अटकोनी में ‘बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ के तहत एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सह जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीपक कुमार के निर्देश और सचिव सह न्यायिक पदाधिकारी ललन कुमार के मार्गदर्शन में हुआ। यह आयोजन ‘आशा पहल’ के अंतर्गत चल रहे 100 दिवसीय अभियान का हिस्सा है, जो मार्च तक जारी रहेगा। इसका मुख्य उद्देश्य बाल विवाह के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना है। कार्यक्रम में अधिकार मित्र पीएलवी मोहन कुमार ने बाल विवाह को कानूनी अपराध बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि लड़कियों की शादी की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़कों की 21 वर्ष निर्धारित है। कुमार ने कहा कि कम उम्र में विवाह बच्चों के शिक्षा, स्वास्थ्य और समुचित विकास के अधिकारों का हनन है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के भविष्य को प्राथमिकता देने की अपील की। बाल विवाह में शामिल व्यक्तियों पर कानूनी कार्रवाई सवेरा स्वयंसेवी संगठन के सामाजिक कार्यकर्ता संतोष कुमार ने चेतावनी दी कि बाल विवाह में शामिल सभी व्यक्तियों पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से भी इस पर सतर्क निगरानी रखने और सरकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने का आग्रह किया। इस जागरूकता कार्यक्रम में उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक डॉ. मुनचुन बैठा, मोहम्मद इमरान, राजकीय मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक सोनेलाल शाह, शिक्षक रामनिवास कुमार और रेणु कुमारी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।


