बेमेतरा के ग्राम चेचानमेटा में अवैध तरीके से मुरूम खनन का आरोप है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार की जा रही खुदाई के कारण जमीन में करीब 25 फीट गहरा और चौड़ा गड्ढा बन गया है। आसपास खेत और रास्ता होने के कारण लोगों और मवेशियों की आवाजाही लगातार बनी रहती है, जिससे खतरा और भी बढ़ गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द गड्ढे को भरने और अवैध खनन पर रोक लगाने की मांग की है। मामले में स्थानीय विधायक ईश्वर साहू का कहना है कि अगर ग्रामीणों की शिकायत रही पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हाइवा से मुरूम परिवहन ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से मुरूम का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। खनन स्थल से 20 से 24 किलोमीटर दूर तक मुरूम का परिवहन किया जा रहा है। इसके लिए 10 चक्का हाइवा से लगभग 6,500 रुपए और 12 चक्का हाइवा से करीब 8,000 रुपए तक किराया लिया जा रहा है। आरोप है कि इसी मुरूम का उपयोग साजा में बन रहे नए न्यायालय भवन और ठेलका के आत्मानंद स्कूल के निर्माण कार्य में किया गया है। पंचायत से नहीं ली गई अनुमति ग्राम पंचायत बिरनपुर की सरपंच कैलाश बाई लोधी के अनुसार, मुरूम खनन के लिए पंचायत से किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई है। उनका कहना है कि यह अवैध खनन कई सालों से जारी है, जिसके कारण बना गड्ढा अब खतरनाक रूप ले चुका है। उन्होंने बताया कि इस मामले की जानकारी कलेक्टर और खनिज विभाग को दे दी गई है। वहीं, साजा एसडीएम पिंकी मनहर ने कहा कि चेचानमेटा में अवैध खनन की सूचना मिली है और इस संबंध में खनिज विभाग को अवगत करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि अब तक क्या कार्रवाई हुई है, इसकी जानकारी ली जाएगी। विधायक बोले- दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी विधायक ईश्वर साहू ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया कि यदि ग्रामीणों की शिकायत सही पाई जाती है, तो जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही प्रशासन से भी आवश्यक कार्रवाई की मांग की जाएगी।


