श्रीगंगानगर. निकटवर्ती चक 6 जैड ए में डंपिंग प्वाइंट के विरोध में किसानों और ग्रामीणों का धरना शुक्रवार को छठे दिन भी जारी रहा। दोपहर बाद हुई बरसात के बावजूद प्रदर्शनकारियों के हौसले कमजोर नहीं पड़े और वे तिरपाल के सहारे धरना स्थल पर डटे रहे। ग्रामीणों का आरोप है कि राजस्थान हाईकोर्ट, जोधपुर की ओर से डंपिंग प्वाइंट को शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन नगर परिषद प्रशासन इन आदेशों की पालना कराने के बजाय आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रहा है। संघर्ष समिति के सदस्य राजकुमार सैनी ने बताया कि इस संबंध में पुरानी आबादी थाना सीआई को लिखित में ज्ञापन देकर अपना पक्ष रखा गया है। उनका कहना है कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था और जिस स्थान पर धरना दिया जा रहा है, वह किसानों के खेतों तक जाने का रास्ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर परिषद आयुक्त ने इस रास्ते को सार्वजनिक मार्ग बताते हुए वहां बैठे किसानों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज करवा दिया। सैनी ने कहा कि यह एफआईआर पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है और इसके खिलाफ उच्च न्यायालय में साक्ष्य पेश किए जाएंगे।
प्रदूषण फैलाने का विरोध अब दबाने की साजिश
ग्रामीणों का कहना है कि यह मुद्दा किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे इलाके और आसपास की कॉलोनियों से जुड़ा हुआ है। डंपिंग प्वाइंट के कारण फैल रहे प्रदूषण से खेतों की फसलें प्रभावित हो रही हैं और लोगों के स्वास्थ्य पर भी विपरीत असर पड़ रहा है। इसी समस्या को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिस पर जिला प्रशासन से जवाब तलब किया गया है। आरोप है कि 31 मार्च की रात को नगर परिषद प्रशासन ने पुलिस की मदद से धरने को समाप्त कराने का प्रयास किया और फिर पुरानी आबादी थाने में आंदोलनकारियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करा दी। लेकिन ग्रामीणों ने विरोध जारी रखा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक डंपिंग प्वाइंट को हटाने की मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
यहां कचरे और मलबे के लगने लगे ढेर
चक 6 जैड में किसानों के आंदेालन शुरू होने पर शहर के कई वार्डो का कचरा और पुराने मकानों के मलबे सूरतगढ़ बाइपास से लेकर पदमपुर बाइपास के बीच खाली भूखंडों में डालने लग गया है। वहां कचरा बीनने के लोग भी सक्रिय हो गए है। वहीं आसपास होटल और कॉलोनियों में आवाजाही करने वाले लोगों के लिए यह कचरा अब परेशान करने लगा है। हालांकि नगर परिषद के स्वास्थ्य अधिकारी ने इसकी पुष्टि नहीं की लेकिन अग्रवाल सदन से लेकर पदमपुर बाइपास तक सड़क किनारे ऐसे कचरे के ढेर पड़े हुए है।
नेतेवाला में आंदोलन यथावत
वहीं, नेतेवाला में ग्रामीणों की ओर से प्रस्तावित कचरा प्लांट के विरोध में धरना जारी है। इन ग्रामीणों का कहना था कि उनके एरिया में इस प्लांट लगने से प्रदूषण तो होगा ही वहीं पास नहरी पानी भी दूषित हो जाएगा। इस ग्रामीणों की मांग पत्र सीएम तक पहुंची है। पिछले दिनों इन ग्रामीणों ने नेतेवाला से लेकर कलक्ट्रेट तक रोष मार्च निकाला और कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इन ग्रामीणों के समर्थन में विधायक जयदीप बिहाणी खुलकर आ गए है। बिहाणी ने भी इस प्लांट को अन्यत्र जगह लगाने की अनुशंसा की है।


