वैशाली के महुआ थाना क्षेत्र के भगवतपुर तरवारा गांव में रविवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब चोरी करने पहुंचे पांच की संख्या में बदमाशों में से तीन को ग्रामीणों ने रंगे हाथों पकड़ लिया। भीड़ ने पहले तीनों अपराधियों की जमकर पिटाई की, फिर उन्हें महुआ थाना पुलिस के हवाले कर दिया। मौके से दो आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले, जिनकी पहचान कर ली गई है और पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। ग्रामीणों की सतर्कता से बच गई बड़ी वारदात सूत्रों के मुताबिक, देर रात गांव की रहने वाली अनिशा देवी के घर के पास कुछ संदिग्ध गतिविधि देख परिजनों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। आवाज सुनते ही पड़ोस के लोग भी बाहर निकल आए और चारों तरफ से घेराबंदी कर तीन अपराधियों को पकड़ लिया। ग्रामीणों का कहना है कि यह गिरोह घर में चोरी की नीयत से पहुंचा था और मौके का फायदा उठाकर बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहा था। हथियार और उपकरण बरामद पकड़े गए अपराधियों की तलाशी लेने पर ग्रामीण और पुलिस दंग रह गए। आरोपियों के पास से एक पिस्टल, एक देसी कट्टा, आठ जिंदा कारतूस, ताला तोड़ने के उपकरण और चोरी में इस्तेमाल किए जाने वाली अन्य वस्तुएं बरामद की गईं। इसके बाद पुलिस ने सभी सामान को जब्त कर लिया और आरोपियों को थाने ले गई। चोर नहीं, शराब कारोबारी होने का दावा हैरानी की बात यह रही कि पकड़े गए आरोपियों ने खुद को चोर मानने से इंकार कर दिया। उन्होंने पुलिस को बताया कि वे चोरी करने नहीं आए थे, बल्कि महुआ थाना क्षेत्र के गोविंदपुर निवासी विक्की सिंह का शराब का सामान अनलोड कराने पहुंचे थे। इसी दौरान ग्रामीणों ने उन्हें संदिग्ध मानकर पकड़ लिया। हालांकि पुलिस और ग्रामीणों ने उनके दावे को खारिज किया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि वे शराब कारोबार से जुड़े होते तो आधी रात को हथियार लेकर गांव में चुपचाप घुसने का क्या मतलब था? यह साफ तौर पर चोरी की कोशिश थी, जिसे ग्रामीणों की सतर्कता ने विफल कर दिया। फरार आरोपियों की तलाश जारी घटनास्थल से दो आरोपी भाग निकले। ग्रामीणों और पकड़े गए बदमाशों की पहचान के आधार पर पुलिस ने दोनों फरार आरोपियों की पहचान कर ली है। महुआ थाना पुलिस की टीम लगातार छापेमारी कर रही है और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया है। ग्रामीणों में दहशत- अपराधियों के हमले की आशंका घटना के बाद गांव में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने बताया कि पकड़े जाने के बाद अपराधियों के अन्य साथी फोन कर ग्रामीणों को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इससे लोग डरे और सहमे हुए हैं। कई लोगों ने पुलिस प्रशासन से अतिरिक्त सुरक्षा की मांग भी की है। पुलिस कर रही गहन पूछताछ महुआ थाना पुलिस ने तीनों गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस की प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह कई अन्य वारदातों में भी शामिल रहा है। पुलिस इनके आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है और इस बात की भी पड़ताल की जा रही है कि ये किसी बड़े गिरोह का हिस्सा हैं या नहीं। इधर गांव में लोगों ने पुलिस की तत्परता और ग्रामीणों की सतर्कता की सराहना की है। साथ ही प्रशासन से इलाके में रात्रि गश्ती बढ़ाने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। वैशाली के महुआ थाना क्षेत्र के भगवतपुर तरवारा गांव में रविवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब चोरी करने पहुंचे पांच की संख्या में बदमाशों में से तीन को ग्रामीणों ने रंगे हाथों पकड़ लिया। भीड़ ने पहले तीनों अपराधियों की जमकर पिटाई की, फिर उन्हें महुआ थाना पुलिस के हवाले कर दिया। मौके से दो आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले, जिनकी पहचान कर ली गई है और पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। ग्रामीणों की सतर्कता से बच गई बड़ी वारदात सूत्रों के मुताबिक, देर रात गांव की रहने वाली अनिशा देवी के घर के पास कुछ संदिग्ध गतिविधि देख परिजनों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। आवाज सुनते ही पड़ोस के लोग भी बाहर निकल आए और चारों तरफ से घेराबंदी कर तीन अपराधियों को पकड़ लिया। ग्रामीणों का कहना है कि यह गिरोह घर में चोरी की नीयत से पहुंचा था और मौके का फायदा उठाकर बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहा था। हथियार और उपकरण बरामद पकड़े गए अपराधियों की तलाशी लेने पर ग्रामीण और पुलिस दंग रह गए। आरोपियों के पास से एक पिस्टल, एक देसी कट्टा, आठ जिंदा कारतूस, ताला तोड़ने के उपकरण और चोरी में इस्तेमाल किए जाने वाली अन्य वस्तुएं बरामद की गईं। इसके बाद पुलिस ने सभी सामान को जब्त कर लिया और आरोपियों को थाने ले गई। चोर नहीं, शराब कारोबारी होने का दावा हैरानी की बात यह रही कि पकड़े गए आरोपियों ने खुद को चोर मानने से इंकार कर दिया। उन्होंने पुलिस को बताया कि वे चोरी करने नहीं आए थे, बल्कि महुआ थाना क्षेत्र के गोविंदपुर निवासी विक्की सिंह का शराब का सामान अनलोड कराने पहुंचे थे। इसी दौरान ग्रामीणों ने उन्हें संदिग्ध मानकर पकड़ लिया। हालांकि पुलिस और ग्रामीणों ने उनके दावे को खारिज किया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि वे शराब कारोबार से जुड़े होते तो आधी रात को हथियार लेकर गांव में चुपचाप घुसने का क्या मतलब था? यह साफ तौर पर चोरी की कोशिश थी, जिसे ग्रामीणों की सतर्कता ने विफल कर दिया। फरार आरोपियों की तलाश जारी घटनास्थल से दो आरोपी भाग निकले। ग्रामीणों और पकड़े गए बदमाशों की पहचान के आधार पर पुलिस ने दोनों फरार आरोपियों की पहचान कर ली है। महुआ थाना पुलिस की टीम लगातार छापेमारी कर रही है और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया है। ग्रामीणों में दहशत- अपराधियों के हमले की आशंका घटना के बाद गांव में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने बताया कि पकड़े जाने के बाद अपराधियों के अन्य साथी फोन कर ग्रामीणों को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इससे लोग डरे और सहमे हुए हैं। कई लोगों ने पुलिस प्रशासन से अतिरिक्त सुरक्षा की मांग भी की है। पुलिस कर रही गहन पूछताछ महुआ थाना पुलिस ने तीनों गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस की प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह कई अन्य वारदातों में भी शामिल रहा है। पुलिस इनके आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है और इस बात की भी पड़ताल की जा रही है कि ये किसी बड़े गिरोह का हिस्सा हैं या नहीं। इधर गांव में लोगों ने पुलिस की तत्परता और ग्रामीणों की सतर्कता की सराहना की है। साथ ही प्रशासन से इलाके में रात्रि गश्ती बढ़ाने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।


