बालाघाट जिले में भालू के हमले से घायल एक ग्रामीण को मिलने वाली सरकारी राहत राशि में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। पीड़ित ग्रामीण ने सहायक परिक्षेत्र अधिकारी और एक वन सुरक्षाकर्मी पर मुआवजा दिलाने के नाम पर 14 हजार रुपए कमीशन लेने का गंभीर आरोप लगाया है। मामला लामता क्षेत्र के कनारी गांव का है, जहां 55 वर्षीय सावनलाल मरार पर करीब सात महीने पहले भालू ने हमला कर दिया था। सावनलाल के इलाज में करीब तीन लाख रुपए खर्च हुए, जिसके बाद वन विभाग ने उन्हें 1 लाख 69 हजार रुपए की राहत राशि मंजूर की। पीड़ित का आरोप है कि इस राशि को स्वीकृत कराने और केस बनाने के बदले सहायक परिक्षेत्र अधिकारी और सुरक्षाकर्मी गोलू ने उनसे पैसों की मांग की। दो किस्तों में वसूली गई रकम सावनलाल मरार के अनुसार, मजबूरी में उन्होंने सुरक्षाकर्मी गोलू को पहले 10 हजार रुपए दिए। इसके बाद, करीब छह महीने पहले जैसे ही उनके बैंक खाते में मुआवजे की पूरी राशि जमा हुई, सुरक्षाकर्मी दोबारा आया और बचे हुए 4 हजार रुपए ले गया। इस मामले की जानकारी मिलने पर जनपद उपाध्यक्ष शंकरलाल बिसेन ने पीड़ित परिवार से मिलकर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने आरोपों को नकारा दूसरी ओर, सहायक परिक्षेत्र अधिकारी दिनेश बरिया ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत और बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि यह एक पुराना मामला है और उन्हें फंसाने के लिए ऐसी साजिश रची जा रही है। उन्होंने साफ किया कि विभाग की ओर से कोई अवैध वसूली नहीं की गई है। जांच के बाद होगी कार्रवाई इस पूरे विवाद पर वन परिक्षेत्र अधिकारी शिवमपुरी गोस्वामी का कहना है कि मामला फिलहाल उनके संज्ञान में नहीं आया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि यदि पीड़ित ग्रामीण इस संबंध में लिखित शिकायत दर्ज कराते हैं, तो मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


