विकसित भारत गारंटी बिल से गांव-मजदूर सशक्त:कृषि मंत्री बोले- मनरेगा-जवाहर रोजगार जैसी योजना भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुकी थी, दानापुर में NDA ने किया समर्थन

विकसित भारत गारंटी बिल से गांव-मजदूर सशक्त:कृषि मंत्री बोले- मनरेगा-जवाहर रोजगार जैसी योजना भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुकी थी, दानापुर में NDA ने किया समर्थन

दानापुर में गुरुवार को एनडीए के सभी घटक दलों के जिला अध्यक्षों ने ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार आजीविका मिशन बिल’ के समर्थन में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस अवसर पर पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की पुण्यतिथि पर जरूरतमंदों के बीच 500 कंबल भी वितरित किए गए। बिहार सरकार के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने पीसी में मुख्य वक्ता के रूप में पत्रकारों को संबोधित किया। नया बिल मील का पत्थर साबित होगा मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि पूर्व में मनरेगा और जवाहर रोजगार योजना जैसी योजनाओं में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार व्याप्त था। ये योजनाएं भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुकी थीं, जिससे वास्तविक लाभ जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पाता था। उन्होंने जोर दिया कि प्रधानमंत्री के संकल्प को पूरा करने में यह नया बिल मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने बताया कि इस नए बिल में गांव और मजदूरों को केंद्र में रखकर प्रावधान किए गए हैं। पहले जहां 100 दिनों के रोजगार की गारंटी थी, वहीं अब इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। अगर तय अवधि में काम उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो मानदेय देने का भी प्रावधान किया गया है। साथ ही, मजदूरी का भुगतान हर सप्ताह करने की व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और मजदूरों को समय पर उनकी मेहनत का फल मिलेगा। 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का है लक्ष्य कृषि मंत्री ने आगे कहा कि सरकार का लक्ष्य 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है, जिसके लिए गांवों का विकास अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार तभी विकसित बनेगा जब देश विकसित होगा। उन्होंने विपक्ष पर इस बिल को लेकर दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया और कहा कि यह बिल गरीब, मजदूर और किसानों के हित में है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा जिलाध्यक्ष रजनीश कुमार, लोजपा (आर) जिलाध्यक्ष चंदन यादव, भाजपा नेता भाई सनोज यादव, शंकर सिंह, अखिलेश कुमार उर्फ मुटूर सहित एनडीए के कई अन्य नेता उपस्थित थे। सभी ने इस बिल को ऐतिहासिक और जनहितकारी बताया। दानापुर में गुरुवार को एनडीए के सभी घटक दलों के जिला अध्यक्षों ने ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार आजीविका मिशन बिल’ के समर्थन में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस अवसर पर पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की पुण्यतिथि पर जरूरतमंदों के बीच 500 कंबल भी वितरित किए गए। बिहार सरकार के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने पीसी में मुख्य वक्ता के रूप में पत्रकारों को संबोधित किया। नया बिल मील का पत्थर साबित होगा मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि पूर्व में मनरेगा और जवाहर रोजगार योजना जैसी योजनाओं में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार व्याप्त था। ये योजनाएं भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुकी थीं, जिससे वास्तविक लाभ जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पाता था। उन्होंने जोर दिया कि प्रधानमंत्री के संकल्प को पूरा करने में यह नया बिल मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने बताया कि इस नए बिल में गांव और मजदूरों को केंद्र में रखकर प्रावधान किए गए हैं। पहले जहां 100 दिनों के रोजगार की गारंटी थी, वहीं अब इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। अगर तय अवधि में काम उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो मानदेय देने का भी प्रावधान किया गया है। साथ ही, मजदूरी का भुगतान हर सप्ताह करने की व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और मजदूरों को समय पर उनकी मेहनत का फल मिलेगा। 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का है लक्ष्य कृषि मंत्री ने आगे कहा कि सरकार का लक्ष्य 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है, जिसके लिए गांवों का विकास अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार तभी विकसित बनेगा जब देश विकसित होगा। उन्होंने विपक्ष पर इस बिल को लेकर दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया और कहा कि यह बिल गरीब, मजदूर और किसानों के हित में है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा जिलाध्यक्ष रजनीश कुमार, लोजपा (आर) जिलाध्यक्ष चंदन यादव, भाजपा नेता भाई सनोज यादव, शंकर सिंह, अखिलेश कुमार उर्फ मुटूर सहित एनडीए के कई अन्य नेता उपस्थित थे। सभी ने इस बिल को ऐतिहासिक और जनहितकारी बताया।  

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