Vijay Deverakonda Negative PR Reviews: साउथ सुपरस्टार विजय देवरकोंडा एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह कोई नई फिल्म नहीं, बल्कि उनके दिल का दर्द है। सोशल मीडिया एक्स पर साझा किए एक पोस्ट में विजय ने खुलकर बताया कि कैसे वर्षों पहले उनकी फिल्मों को निगेटिव पीआर और फेक रिव्यू का निशाना बनाया गया था। ‘डियर कॉमरेड’ जैसे अहम प्रोजेक्ट को भी इसी नकारात्मकता का सामना करना पड़ा।
हाल ही में मेगास्टार चिरंजीवी की आने वाली फिल्म के संदर्भ में जब इंडस्ट्री ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया, तो विजय ने खुशी जताई साथ ही यह दुख भी कि जब उन्होंने पहले आवाज उठाई थी, तब किसी ने उनकी बात नहीं सुनी थी।
एक्स पर बयां किया दर्द
विजय देवरकोंडा ने हाल ही में एक्स पर एक लंबा नोट साझा करते हुए बताया कि निगेटिव पीआर और फेक रिव्यू इंडस्ट्री के लिए कितने बड़े खतरे बन चुके हैं। उन्होंने लिखा कि उन्हें खुशी है कि अब लोग इस समस्या को पहचान रहे हैं, लेकिन दर्द भी है कि इसके जिम्मेदार भी हमारे ही बीच के लोग हैं। उन्होंने सवाल उठाया, आखिर ‘जियो और जीने दो’ वाला सिद्धांत कहां गायब हो गया?
विजय ने याद किया कि ‘डियर कॉमरेड’ के समय उन्होंने पहली बार संगठित और सोचे-समझे हमलों का सामना किया था। उनकी बात तब किसी ने गंभीरता से नहीं ली। वे बताते हैं कि हर नए निर्माता और निर्देशक कुछ समय बाद खुद समझ जाते हैं कि फेक रिव्यू का कितना नुकसान होता है। विजय ने कई रातें इस चिंता में बिताईं कि ऐसे लोगों से कैसे निपटा जाए ताकि उनके और आने वाली पीढ़ियों के सपने सुरक्षित रह सकें।
अब जब चिरंजीवी और नयनतारा की फिल्म ‘मना शंकर वर प्रसाद गारू’ की एडवांस बुकिंग के बीच कोर्ट ने ‘बुक माई शो’ पर रेटिंग और रिव्यू अस्थायी रूप से बैन कर दिए हैं, तो विजय को राहत भी है और संतोष भी कि आखिरकार इस मुद्दे को गंभीरता से लिया जा रहा है।


