MP News: युवा संसद सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि देश के स्वच्छ राजनीतिक भविष्य के लिए एक सुगम मार्ग है, लेकिन इसमें प्रतिभागियों को पहले हर पक्ष के दोनों पहलु का अध्ययन करना चाहिए ताकि चर्चा सारगर्भित हो। युवा संसद में भाग लेने वाले युवा देश की समृद्ध राजनीतिक परंपराएं भी जानें और राजनीतिक परिदृश्य का विश्लेषण भी करें।
ये कहना था बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. एसके जैन का, वो करियर कॉलेज ऑफ लॉ, गोविंदपुरा भेल में केंद्रीय युवा एवं खेल मंत्रालय की इकाई माय भारत के तत्वावधान में आयोजित विकसित भारत युवा संसद को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आरोप प्रत्यारोप से इतर चर्चा का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करियर ग्रुप के अध्यक्ष मनीष राजोरिया ने की। कार्यक्रम में सौ से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण किया जबकि 75 प्रतिभागी उपस्थित रहे और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। निर्णायक मंडल में डॉ. नीलेश शर्मा, डॉ. जितेन्द्र गुप्ता, श्री राहुल सिंह परिहार, श्री कृष्ण मोहन झा एवं सुश्री शुभ्रा सिंह शामिल रहे, जिनके बहुमूल्य विचारों एवं मूल्यांकन ने कार्यक्रम को और अधिक समृद्ध बनाया। युवा संसद के विजेता अनूप कुमार पाण्डेय रहे। अनुष्का मांडोरिया, समीक्षा राही, ऐश्वर्या श्रीवास्तव एवं सिद्धांत यादव ने द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ और पंचम स्थान प्राप्त किया।
युवा संसद की थीम आपातकाल के 50 वर्ष
भारतीय लोकतंत्र के लिए सीख रही, जिसने सार्थक विमर्श को प्रोत्साहित किया तथा एक प्रगतिशील एवं विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की सशक्त भागीदारी के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित किया। अतिथियों का स्वागत प्राचार्य डॉ. अनिल दीक्षित एवं माय भारत के जिला युवा अधिकारी प्रांजल अग्रवाल ने किया। कार्यक्रम में कई विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के छात्र छात्राएं और शिक्षकगण उपस्थित रहे। (MP News)






