सहरसा शहर के डीबी रोड स्थित पूजा रिसोर्ट प्रांगण में रविवार दोपहर अंतरराष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन के तत्वावधान में विद्यापति पर्व समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया, जो मिथिला की समृद्ध परंपरा और भाषा के प्रति उनकी गहरी आस्था को दर्शाता है। सहरसा नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा इस समारोह के मुख्य अतिथि रहे। पूरे वातावरण को सांस्कृतिक रंग में रंग दिया
समारोह का शुभारंभ पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हुआ, जिसमें मैथिली भाषा, साहित्य और लोकसंस्कृति की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दी। उपस्थित कलाकारों और वक्ताओं ने महाकवि विद्यापति के अतुलनीय योगदान को स्मरण करते हुए उनके कृतित्व और व्यक्तित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान मैथिली गीत, कविता पाठ और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को सांस्कृतिक रंग में रंग दिया। मिथिला की पवित्र भूमि पर सेवा करने का अवसर
अपने संबोधन में नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा ने कहा कि मिथिला की पवित्र भूमि पर सेवा करने का अवसर उनके लिए गौरव की बात है। उन्होंने आश्वासन दिया कि क्षेत्र के विकास से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही, उन्होंने मैथिली भाषा और संस्कृति के संरक्षण तथा संवर्धन के लिए समाज के सभी वर्गों से सक्रिय सहयोग का आह्वान किया। युवाओं ने सक्रिय रूप से भागीदारी की
इस कार्यक्रम में स्थानीय बुद्धिजीवियों, साहित्यकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं ने सक्रिय रूप से भागीदारी की। सभी उपस्थित लोगों ने एक स्वर में मैथिली भाषा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और इसे और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। आयोजकों ने इस अवसर पर कहा कि विद्यापति पर्व जैसे आयोजन न केवल मिथिला की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखते हैं, बल्कि समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का भी महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। समारोह का समापन सामूहिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। सहरसा शहर के डीबी रोड स्थित पूजा रिसोर्ट प्रांगण में रविवार दोपहर अंतरराष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन के तत्वावधान में विद्यापति पर्व समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया, जो मिथिला की समृद्ध परंपरा और भाषा के प्रति उनकी गहरी आस्था को दर्शाता है। सहरसा नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा इस समारोह के मुख्य अतिथि रहे। पूरे वातावरण को सांस्कृतिक रंग में रंग दिया
समारोह का शुभारंभ पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हुआ, जिसमें मैथिली भाषा, साहित्य और लोकसंस्कृति की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दी। उपस्थित कलाकारों और वक्ताओं ने महाकवि विद्यापति के अतुलनीय योगदान को स्मरण करते हुए उनके कृतित्व और व्यक्तित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान मैथिली गीत, कविता पाठ और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को सांस्कृतिक रंग में रंग दिया। मिथिला की पवित्र भूमि पर सेवा करने का अवसर
अपने संबोधन में नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा ने कहा कि मिथिला की पवित्र भूमि पर सेवा करने का अवसर उनके लिए गौरव की बात है। उन्होंने आश्वासन दिया कि क्षेत्र के विकास से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही, उन्होंने मैथिली भाषा और संस्कृति के संरक्षण तथा संवर्धन के लिए समाज के सभी वर्गों से सक्रिय सहयोग का आह्वान किया। युवाओं ने सक्रिय रूप से भागीदारी की
इस कार्यक्रम में स्थानीय बुद्धिजीवियों, साहित्यकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं ने सक्रिय रूप से भागीदारी की। सभी उपस्थित लोगों ने एक स्वर में मैथिली भाषा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और इसे और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। आयोजकों ने इस अवसर पर कहा कि विद्यापति पर्व जैसे आयोजन न केवल मिथिला की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखते हैं, बल्कि समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का भी महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। समारोह का समापन सामूहिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।


