पूर्णिया में प्रोफेसर-पीएचडी छात्रा का वीडियो वायरल:रेस्टोरेंट में एक प्लेट में डोसा खाते दिखे, नजदीकियों पर छात्रों ने उठाए साल; VC ने दिए जांच के आदेश

पूर्णिया में प्रोफेसर-पीएचडी छात्रा का वीडियो वायरल:रेस्टोरेंट में एक प्लेट में डोसा खाते दिखे, नजदीकियों पर छात्रों ने उठाए साल; VC ने दिए जांच के आदेश

पूर्णिया में एक प्रोफेसर और पीएचडी छात्रा का वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद कैंपस से लेकर सोशल मीडिया पर च्चा तेज है। विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को देखते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन का एक्शन शुरू हो गया है। कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह ने अनुशासनिक समिति को जांच के आदेश दे दिए हैं और जल्द रिपोर्ट सौंपने को कहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दिख रहा है कि प्रोफेसर और उनकी पीएचडी छात्रा शहर के डोसा प्लाजा रेस्टोरेंट में साथ बैठे हैं। टेबल पर डोसे की एक प्लेट रखी हुई है और दोनों एक ही प्लेट में डोसा खाते नजर आ रहे हैं। वीडियो में दोनों के बीच हंसी-मजाक, बातचीत और सहज माहौल भी साफ दिख रहा है। यही वीडियो अब विवाद की सबसे बड़ी वजह बन गया है। इससे पहले भी दोनों की एक तस्वीर वायरल हुई थी, जिसमें वे एक होटल में साथ बैठे नजर आए थे। अब फोटो के बाद वीडियो सामने आने से मामला और ज्यादा गर्म हो गया है। वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई है। कुछ लोग इसे निजी मामला बता रहे हैं, तो कई लोग इसे यूनिवर्सिटी की गरिमा से जोड़कर आलोचना कर रहे हैं। अनुशासनिक समिति को जांच के आदेश दे दिए मामले को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन का एक्शन शुरू हो गया है। कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह ने साफ कहा है कि वायरल फोटो और वीडियो की सच्चाई जांच का विषय है, लेकिन विश्वविद्यालय की छवि को ध्यान में रखते हुए मामले को गंभीरता से लिया गया है। अनुशासनिक समिति को जांच के आदेश दे दिए हैं और जल्द रिपोर्ट सौंपने को कहा है। यूनिवर्सिटी के प्रॉक्टर डॉ. उदय नारायण सिंह ने कहा कि वायरल वीडियो और फोटो से विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है। प्रशासन इस मामले में सख्त रुख अपनाएगा और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे मामले को लेकर छात्रों में भी नाराजगी देखने को मिली। छात्र नेताओं ने विरोध जताते हुए कुलपति की गाड़ी के सामने बैठकर प्रदर्शन किया। छात्रों की मांग थी कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पर कार्रवाई की जाए। हालांकि बाद में प्रशासन की ओर से बातचीत और कार्रवाई के आश्वासन के बाद प्रदर्शन खत्म कर दिया गया। छात्र-छात्राओं का कहना है कि इस तरह के वीडियो सामने आने से यूनिवर्सिटी पर सवाल उठते हैं और यूनिवर्सिटी की छवि धूमिल होती है। कई छात्रों ने इसे शर्मनाक बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मामले में संबंधित विभागाध्यक्ष से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। ऐसे में उनका पक्ष अब तक सामने नहीं आ सका है। पूर्णिया में एक प्रोफेसर और पीएचडी छात्रा का वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद कैंपस से लेकर सोशल मीडिया पर च्चा तेज है। विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को देखते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन का एक्शन शुरू हो गया है। कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह ने अनुशासनिक समिति को जांच के आदेश दे दिए हैं और जल्द रिपोर्ट सौंपने को कहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दिख रहा है कि प्रोफेसर और उनकी पीएचडी छात्रा शहर के डोसा प्लाजा रेस्टोरेंट में साथ बैठे हैं। टेबल पर डोसे की एक प्लेट रखी हुई है और दोनों एक ही प्लेट में डोसा खाते नजर आ रहे हैं। वीडियो में दोनों के बीच हंसी-मजाक, बातचीत और सहज माहौल भी साफ दिख रहा है। यही वीडियो अब विवाद की सबसे बड़ी वजह बन गया है। इससे पहले भी दोनों की एक तस्वीर वायरल हुई थी, जिसमें वे एक होटल में साथ बैठे नजर आए थे। अब फोटो के बाद वीडियो सामने आने से मामला और ज्यादा गर्म हो गया है। वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई है। कुछ लोग इसे निजी मामला बता रहे हैं, तो कई लोग इसे यूनिवर्सिटी की गरिमा से जोड़कर आलोचना कर रहे हैं। अनुशासनिक समिति को जांच के आदेश दे दिए मामले को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन का एक्शन शुरू हो गया है। कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह ने साफ कहा है कि वायरल फोटो और वीडियो की सच्चाई जांच का विषय है, लेकिन विश्वविद्यालय की छवि को ध्यान में रखते हुए मामले को गंभीरता से लिया गया है। अनुशासनिक समिति को जांच के आदेश दे दिए हैं और जल्द रिपोर्ट सौंपने को कहा है। यूनिवर्सिटी के प्रॉक्टर डॉ. उदय नारायण सिंह ने कहा कि वायरल वीडियो और फोटो से विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है। प्रशासन इस मामले में सख्त रुख अपनाएगा और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे मामले को लेकर छात्रों में भी नाराजगी देखने को मिली। छात्र नेताओं ने विरोध जताते हुए कुलपति की गाड़ी के सामने बैठकर प्रदर्शन किया। छात्रों की मांग थी कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पर कार्रवाई की जाए। हालांकि बाद में प्रशासन की ओर से बातचीत और कार्रवाई के आश्वासन के बाद प्रदर्शन खत्म कर दिया गया। छात्र-छात्राओं का कहना है कि इस तरह के वीडियो सामने आने से यूनिवर्सिटी पर सवाल उठते हैं और यूनिवर्सिटी की छवि धूमिल होती है। कई छात्रों ने इसे शर्मनाक बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मामले में संबंधित विभागाध्यक्ष से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। ऐसे में उनका पक्ष अब तक सामने नहीं आ सका है।  

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