इटावा की सैफई तहसील परिसर स्थित उप निबंधन कार्यालय में जमीन के बैनामे को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट और पथराव हुआ। इस घटना से तहसील परिसर में अफरातफरी मच गई। वहीं मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस ने मौके से तीन लोगों को हिरासत में लेकर शांति भंग की कार्रवाई की है। जानकारी के अनुसार, बीते शनिवार को तहसील क्षेत्र के ग्राम नायकपुरा निवासी सर्वेश कुमार (पुत्र दरबारी लाल) अपने गांव के अमृतलाल (पुत्र मेहरबान सिंह) के पक्ष में हाईवे किनारे स्थित करीब दो बीघा जमीन का बैनामा कराने पहुंचे थे। सर्वेश अपने चार भाइयों में से एक हैं और अविवाहित बताए गए हैं। वह अपने हिस्से की पैतृक जमीन बेचने के लिए तहसील आए थे। बैनामे की सूचना मिलते ही सर्वेश के भाई रामपाल, राम सिंह और श्याम सिंह परिवार की महिलाओं व अन्य सदस्यों के साथ तहसील पहुंच गए। परिजनों ने बैनामा रुकवाने का प्रयास किया। उनका कहना था कि पैतृक जमीन बेचने की कोई आवश्यकता नहीं है, और यदि कोई आर्थिक समस्या है तो परिवार मदद करने को तैयार है। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। कहासुनी जल्द ही विवाद में बदल गई और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। मौके पर खरीददार पक्ष के लोग भी मौजूद थे। देखते ही देखते दोनों ओर से लात-घूंसे चले और ईंट-पत्थर फेंके गए। तहसील परिसर में मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई और आसपास के कार्यालयों में काम कर रहे लोग भी बाहर निकल आए। घटनास्थल के पास ही क्षेत्राधिकारी कार्यालय स्थित है। शोरगुल सुनकर वहां तैनात पुलिसकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और झगड़ा कर रहे लोगों को अलग किया। बाद में थाने से अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया। पुलिस ने श्याम सिंह (पुत्र दरबारी लाल), अमृतलाल (पुत्र मेहरबान सिंह) और रामपाल (पुत्र दरबारी लाल) को हिरासत में लिया। तीनों के खिलाफ शांति भंग की धाराओं में कार्रवाई की गई है।


