मुजफ्फरपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई हुई है। राजस्व भूमि सुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर) पश्चिमी के कोर्ट में कार्यरत एक कर्मचारी का रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, एसडीओ पश्चिमी आकांक्षा आनंद ने तत्काल संज्ञान लिया और जांच के आदेश दिए हैं। डीसीएलआर पश्चिमी कार्यालय में तैनात क्लर्क राकेश कुमार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। आरोप है कि एक लंबित मामले में केस नंबर देने और नोटिस जारी करने के लिए राकेश कुमार की ओर से रुपयों की मांग की जा रही थी। कथित तौर पर, राकेश कुमार ने स्पष्ट कर दिया था कि बिना ‘सुविधा शुल्क’ का काम आगे नहीं बढ़ेगा। इसके बाद, एक वकील को अपना काम कराने के लिए उसे पैसे देने पड़े। किसी व्यक्ति ने चोरी-छिपे वीडियो रिकोर्ड किया इसी लेनदेन के दौरान किसी व्यक्ति ने चोरी-छिपे इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया। मंगलवार को वायरल हुए इस वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि कर्मचारी राकेश कुमार वकील से मोलभाव कर रहा है और फिर रुपये स्वीकार कर रहा है। हालांकि, प्रशासन ने इस वायरल वीडियो की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। फिर भी, प्रथम दृष्टया यह मामला सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाता है। एसडीओ पश्चिमी की सख्त चेतावनी वीडियो के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने और स्थानीय स्तर पर विरोध बढ़ने के बाद एसडीओ पश्चिमी आकांक्षा आनंद ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने तुरंत डीसीएलआर पश्चिमी को पूरे प्रकरण की गहन जांच करने का निर्देश दिया है। एसडीओ आकांक्षा आनंद ने बताया, “हमारे संज्ञान में एक वीडियो आया है, जिसमें भूमि सुधार उप समाहर्ता पश्चिमी के कार्यालय का एक कर्मी कथित तौर पर तारीख (डेट) देने और अन्य कार्यों के बदले पैसे लेते दिख रहा है। यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है।” उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि इस प्रकार की गतिविधियां विभाग की काम संस्कृति और गरिमा के बिल्कुल विपरीत हैं। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आरोपी कर्मी के खिलाफ सेवा नियमावली के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। एसडीओ ने यह भी स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मुजफ्फरपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई हुई है। राजस्व भूमि सुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर) पश्चिमी के कोर्ट में कार्यरत एक कर्मचारी का रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, एसडीओ पश्चिमी आकांक्षा आनंद ने तत्काल संज्ञान लिया और जांच के आदेश दिए हैं। डीसीएलआर पश्चिमी कार्यालय में तैनात क्लर्क राकेश कुमार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। आरोप है कि एक लंबित मामले में केस नंबर देने और नोटिस जारी करने के लिए राकेश कुमार की ओर से रुपयों की मांग की जा रही थी। कथित तौर पर, राकेश कुमार ने स्पष्ट कर दिया था कि बिना ‘सुविधा शुल्क’ का काम आगे नहीं बढ़ेगा। इसके बाद, एक वकील को अपना काम कराने के लिए उसे पैसे देने पड़े। किसी व्यक्ति ने चोरी-छिपे वीडियो रिकोर्ड किया इसी लेनदेन के दौरान किसी व्यक्ति ने चोरी-छिपे इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया। मंगलवार को वायरल हुए इस वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि कर्मचारी राकेश कुमार वकील से मोलभाव कर रहा है और फिर रुपये स्वीकार कर रहा है। हालांकि, प्रशासन ने इस वायरल वीडियो की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। फिर भी, प्रथम दृष्टया यह मामला सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाता है। एसडीओ पश्चिमी की सख्त चेतावनी वीडियो के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने और स्थानीय स्तर पर विरोध बढ़ने के बाद एसडीओ पश्चिमी आकांक्षा आनंद ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने तुरंत डीसीएलआर पश्चिमी को पूरे प्रकरण की गहन जांच करने का निर्देश दिया है। एसडीओ आकांक्षा आनंद ने बताया, “हमारे संज्ञान में एक वीडियो आया है, जिसमें भूमि सुधार उप समाहर्ता पश्चिमी के कार्यालय का एक कर्मी कथित तौर पर तारीख (डेट) देने और अन्य कार्यों के बदले पैसे लेते दिख रहा है। यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है।” उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि इस प्रकार की गतिविधियां विभाग की काम संस्कृति और गरिमा के बिल्कुल विपरीत हैं। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आरोपी कर्मी के खिलाफ सेवा नियमावली के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। एसडीओ ने यह भी स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।


