एटा के तहसील स्थित उपनिबंधक (रजिस्ट्री) कार्यालय में तैनात एक कंप्यूटर ऑपरेटर का पैसे लेते हुए कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। वीडियो में ऑपरेटर को गैस एजेंसी की लीज रजिस्ट्री के नाम पर रुपए लेते हुए देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि गैस एजेंसी को लीज पर देने की रजिस्ट्री के दौरान यह लेन-देन किया गया। वीडियो को मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया। वीडियो में तहसील परिसर के भीतर एक कंप्यूटर ऑपरेटर कथित तौर पर एक व्यक्ति से नकद धनराशि लेते हुए दिखाई देता है। पास खड़े व्यक्ति द्वारा यह पूरा घटनाक्रम कैमरे में कैद किया गया, जो अब तेजी से सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। उपनिबंधक ने आरोपों को किया खारिज इस पूरे मामले पर जब उपनिबंधक (रजिस्ट्री अधिकारी) रवींद्र पाल से बातचीत की गई तो उन्होंने आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा, वीडियो में जो धनराशि ली जा रही है, वह नियमानुसार सरकारी शुल्क है। वर्तमान में गैस एजेंसियों के रजिस्ट्रेशन और उनके मासिक किराए के आधार पर लीज शुल्क जमा कराया जा रहा है। इसमें किसी भी प्रकार की अवैध वसूली नहीं की गई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति इस मामले में लिखित शिकायत करता है, तो उसकी जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि वीडियो के सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर मामले को लेकर सतर्कता बढ़ गई है। अब यह जांच का विषय है कि वीडियो में दिख रहा लेन-देन सरकारी शुल्क से संबंधित है या फिर किसी प्रकार की अनियमित वसूली का मामला है। फिलहाल उपनिबंधक कार्यालय की ओर से किसी कर्मचारी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है, लेकिन शिकायत मिलने की स्थिति में जांच का भरोसा दिया गया है।


