Ahmedabad. एलोविरा बताकर पार्सल के जरिए विदेशों में प्रतिबंधित ड्रग्स भेजने के मामले में गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) की टीम ने दो और आरोपियों को सूरत से गिरफ्तार किया है। इससे पहले एक आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है। अब तक इस मामले में तीन आरोपियों को पकड़ा जा चुका है।
गुजरात एटीएस के एसपी के सिद्धार्थ ने मंगलवार को संवाददाताओं को बताया कि एटीएस ने सात मार्च को मामला दर्ज करते हुए सूरत से निकुंज गढिया को पकड़ा था। उसके बाद सामने आए तथ्य और सबूतों के आधार पर अन्य दो आरोपियों भौतिक पदमाणी और चेतन वावडिया को पकड़ा है। यह दोनों भी सूरत के ही रहने वाले हैं. इन्हें आठ मार्च को हिरासत में लिया था, उसके बाद आधिकारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है।उन्होंने बताया कि इस मामले में विदेशों में प्रतिबंधित एटोमिडेट ड्रग्स के 22 किलो के जत्थे को भी एटीएस टीम ने मुंबई एयरपोर्ट्स से कस्टम की मदद से जब्त किया है, जिसे एलोविरा बताते हुए विदेश भेजा जा रहा था। इसे सूरत निवासी निकुंज गढिया की ओर से 6 पार्सलों में मलेशिया भेजा जा रहा था। 6 पासर्लों में 25.5 किलो वजन था, जिसमें से 22 किलो एटोमिडेट ड्रग्स थी। जांच करने पर 99 फीसदी से अधिक एटोमिडेट ड्रग्स होने की पुष्टि हुई।
मलेशिया, थाईलैंड, सिंगापुर में एटोमिडेट ड्रग्स प्रतिबंधित है। वहां पर इसका लोग नशा करने के लिए उपयोग करते हैं। इसका हल्का डोज नशे में उपयोग किया जा रहा है, जबकि थोड़ा सा भी ज्यादा डोज होने पर जान जाने का भी खतरा रहता है, जिससे इसे प्रतिबंधित ड्रग्स की श्रेणी में शामिल किया गया है। पकड़े गए तीनों ही आरोपी पीते कुछ महीनों से एटोमिडेट ड्रग्स को एलोविरा पाउडर बताकर पार्सलों के जरिए मलेशिया और थाइलैंड में भेज रहे थे। इसके लिए यह सरकार को भी गुमराह कर रहे थे। पार्सल में गलत जानकारी और गलत उत्पाद भेज रहे थे। निकुंज और चेतन ने 50-50 किलो , जबकि भौतिक ने 25 किलो एटोमिडेट ड्रग्स विदेश भेजी है। ये ड्रग कार्टेल से जुड़े चुआ जी जुआन और उसके साथ संपर्क में थे। इस एक किलो एटोमिडेट ड्रग्स की कीमत चार से पांच हजार डॉलर है।


