Ahmedabad. फर्जी आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस देकर सेल्फ ड्राइव के तहत किराए पर कार लेने के बाद उसे बेचने के मामले में चांदखेड़ा पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा है। पकड़े गए आरोपियों में एक राजस्थान मूल का है।पकड़े गए आरोपियों में चांदलोडिया आनंद पार्टी प्लॉट के पास रहने वाला नील पटेल (23) और मूलरूप से राजस्थान के डूंगरपुर जिले के करोली गांव हाल थलतेज निवासी राजेन्द्र उर्फ राजू कलाल (35) शामिल हैं।
चांदखेड़ा थाने के पीआइ जे.के.मकवाणा ने बताया कि चांदखेडा इलाके से रविवार को दो आरोपियों को धर दबोचा। मामले के तहत मानसरोवर रोड पर स्थित एक ट्रैवल्स की ऑफिस से आरोपी नील पटेल, अंकित दर्जी ने ट्रैवल्स में काम करने वाले राजू कलाल के साथ मिलीभगत करते हुए सेल्फ ड्राइव के तहत एजेंसी से किराए पर कार ली। इसके लिए आरोपी जिनांशु कलाल ने फर्जी आधारकार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस का ब्यौरा दिया था। आरोपियों ने 16 लाख रुपए कीमत की कार को किराए पर लेने के बाद थराद में इसे नील पटेल और अंकित दर्जी को दिया। इसके बाद कार को इन लोगों ने राजस्थान के सांचौर में बेच दिया।
एक लाख रुपए का लालच देकर किराए पर मंगवाई थी कार
पुलिस के तहत इस मामले में पकड़े गए आरोपी नील पटेल ने अंकित दर्जी के सात मिलकर फर्जी आधारकार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस बनाया था। वह देकर इन दोनों ने जिनांशु कलाल को एक लाख रुपए देने की लालच देकर और सेल्फ ड्राइव के तहत ये दोनों दस्तावेज देते हुए किराए पर कार लाने को कहा था। उसने कार लाकर इन दोनों को दे दी उसके बाद इन्होंने उसे बेच दिया। इस मामले में नील पटेल और ट्रैवल एजेंसी पर काम करने वाला राजू कलाल को पकड़ लिया है। अन्य आरोपी फरार हैं।


