Ahmedabad. गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) और भारतीय तटरक्षक (कोस्ट गार्ड) की टीम ने पोरबंदर से 140 नॉटिकल मील दूर समंदर से 203 किलो शंकास्पद ड्रग्स जप्त किया। इस मामले में ईरानी बोट में सवार दो आरोपियों को भी पकड़ा गया है जो ईरान के चाबहार के पास कोणार्क के रहने वाले हैं। गिरफ्तार आरोपियों में अब्दुल माजिद और अब्दुल सत्तार शामिल हैं। इस मामले में ईरानी बोट स्पीड भी जब्त की गई है। तलाशी के दौरान बोट से 203 पैकेट बरामद हुए, जिनमें प्रत्येक का वजन एक किलोग्राम है। इनमें क्रिस्टलाइन मादक पदार्थ होने का संदेह है। जो रवादार मादक पदार्थ बताया जाता है।
गुजरात एटीएस के उप महानिरीक्षक सुनील जोशी ने मंगलवार को संवाददाताओं को बताया कि एटीएस के पुलिस अधीक्षक के के पटेल को एक गोपनीय सूचना मिली कि ईरानी नशीले पदार्थों के तस्कर हाजी फिदा ने ड्रग्स की खेप भारत भेजी है जिसकी डिलीवरी 15 और 16 फरवरी के बीच पोरबंदर के पास बीच समंदर में होने वाली है। ईरान के कोणार्क बंदरगाह से लगभग 203 किलोग्राम संदिग्ध ड्रग्स लेकर एक बोट निकली है। सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक (एसपी) के. सिद्धार्थ के नेतृत्व में एक टीम गठित की। 16 फरवरी की रात कोस्ट गार्ड के एक जहाज को संदिग्ध बोट को रोकने के लिए तत्काल भेजा गया। जहाज से पोरबंदर से लगभग 140 नॉटिकल मील दूर अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (आइएमबीएल) के पास भारतीय जल सीमा में नजर रखी गई। घुप अंधेरे के बावजूद कोस्ट गार्ड व एटीएस ने तकनीकी और मानवीय निगरानी के जरिए बोट की पहचान की। कोस्ट गार्ड के जहाज को देखते ही संदिग्ध बोट अंतरराष्ट्रीय सीमा की ओर भागने लगी, लेकिन पीछा कर उसे रोक लिया गया। तलाशी के दौरान बोट से 203 पैकेट बरामद हुए, जिनमें प्रत्येक का वजन एक किलोग्राम है। इनमें क्रिस्टलाइन मादक पदार्थ होने का संदेह है। यह सफेद रंग का पाउडर बताया जाता है।


