Ahmedabad. अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने गुरुवार को एआइ की मदद से 500 रुपए के दर की नोट छापने वाले एक रैकेट का पर्दाफाश किया है। सूरत पुलिस की मदद से कार्रवाई करते हुए इस मामले में योगगुरु एवं सूरत में आश्रम चलाने वाला प्रदीप जोटंगिया, एक महिला समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों से 2.38 करोड़ रुपए के 500 के दर के जाली नोट के साथ-साथ जाली नोट छापने की मशीन व कटर भी जब्त किए।
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अजीत राज्यान ने गुरुवार को संवाददाताओं को बताया कि बुधवार को टीम को पुख्ता सूचना मिली थी कि सूरत से अहमदाबाद के अमराईवाड़ी इलाके में 500 की दर के जाली नोटों की खेप पहुंचाई जा रही है। इस आधार पर अमराईवाड़ी में टोरेंट पावर के पास एक सफेद रंग की कार को रोककर तलाशी ली गई। कार में छिपाकर रखे गए नकली नोटों के बंडल बरामद हुए। कार में सवार एक महिला और पांच अन्य लोगों को हिरासत में ले लिया। कार से 500 की दर के 42000 नोट यानी दो करोड़ 10 लाख लाख के जाली नोट थे। इनकी पूछताछ के आधार पर सूरत में दबिश देकर एक और आरोपी को पकड़़ा गया जहां से 500 की दर के 5600 नोट यानी 28 लाख के और जाली नोट मिले। साथ ही प्रिंटर, कटर और सिक्युरिटी थ्रेड पेपर के 16 रिम जब्त किए।
इन आरोपियों को पकड़ा इस मामले में पकड़े गए आरोपियों में सूरत में सरथाणा स्थित कृष्णा रो हाऊस निवासी मुकेश ठुम्मर मुख्य आरोपी है। योगगुरु एवं सूरत में आश्रम चलाने वाला प्रदीप जोटंगिया भी इसमें लिप्त है। सूरत में कापोदरा निवासी अशोक मावाणी, नाना वराछा गाम निवासी रमेश बलर, अमरोली क्षेत्र निवासी दिव्येश राणा, वराछा रोड निवासी भरत काकडिया और एक महिला आरोपी भी शामिल है।


