Ahmedabad. शहर के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की टीम ने नोबलनगर इलाके से 22 किलो से ज्यादा हाइब्रिड गांजा जब्त किया। इस मामले में एक महिला सहित दो लोगों को पकड़ा गया जो चचेरे भाई-बहन बताए जाते हैं। जब्त हाइब्रिड गांजा की कीमत आठ लाख रुपए है।पकड़े गए आरोपियों में चेतन प्रजापत (28) और जिया उर्फ जेशिका उर्फ आकांक्षा प्रजापति (34) शामिल हैं। चेतन मूल रूप से राजस्थान के राजसमंद जिले की नाथद्वारा तहसील के देरघटा गुंजोल पुरानी पंचायत भवन के पास का निवासी है। वहीं जिया मूलरूप से राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले की निम्बाहेड़ा तहसील के कच्ची झुग्गी में रहती है। वर्तमान में वह नोबलनगर में कोतरपुर वॉटर वर्क्स के पास घनश्यामनगर में रहती है।
थाइलैंड से मंगवाते थे हाइब्रिड गांजा
एसओजी की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। दोनों ही राजस्थान के जरूरतमंद युवाओं को फंसाते और उन्हें पैसे कमाने का लालच देकर थाइलैंड भेजकर वहां से हाइब्रिड गांजा को मंगवाते थे। एक ट्रिप के हिसाब से पैसे देते थे। इस मामले में सूरत के मिलन वघासिया और अहमदाबाद के अरमान जोशी की लिप्तता सामने आई है। यह दोनों जब कहते तब युवाओं को थाइलैंड भेजते थे। एक ट्रिप के डेढ़ लाख रुपए यह दोनों चचेरे भाई बहन चेतन और आशांका को देते थे। यह दोनों कमीशन के 75 हजार रुपए लेते और बाकी के 75 हजार प्रति ट्रिप के थाइलैंड से गांजा लाने वाले कैरियर को देते थे। थाइलैंड जाने आने के लिए 7500 थाई बाथ देते थे। जिसमें यह दोनों कैरियर को चार हजार थाईबाथ ही देते थे। बाकी के खुद रख लेते थे।


