विदर्भ ने पहली बार विजय हजारे ट्रॉफी का खिताब जीत लिया। टीम ने रविवार को बेंगलुरु में सौराष्ट्र को 38 रन से फाइनल हराया। विदर्भ से अथर्व तायडे ने शतक लगाया, उन्होंने 128 रन बनाए। वहीं यश ठाकुर ने 4 विकेट लिए। सौराष्ट्र से प्रेरक मांकड़ और चिराग जानी ने फिफ्टी लगाई। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ग्राउंड में पहले बैटिंग करते हुए विदर्भ ने 317 रन बनाए। जवाब में विदर्भ की टीम 279 रन ही बना सकी। विदर्भ विजय हजारे ट्रॉफी का टाइटल जीतने वाली 13वीं टीम बनी। टीम पिछले साल कर्नाटक के खिलाफ फाइनल हार गई थी। 97 गेंद पर अथर्व ने शतक लगाया पहले बल्लेबाजी करते हुए विदर्भ ने 50 ओवर में 8 विकेट पर 317 रन बनाए। टीम के लिए अथर्व तायडे ने शानदार शतक लगाया, जबकि यश राठौड़ ने 54 रन की पारी खेली। तायडे ने 97 गेंदों में शतक पूरा किया, उन्होंने 118 गेंदों पर 128 रन की पारी खेली, जिनमें 15 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। यह इस साल के टूर्नामेंट में उनका पहला शतक रहा, जबकि लिस्ट ए क्रिकेट में उन्होंने तीसरी बार शतक जमाया। तायडे ने 42 लिस्ट ए मैच खेले और उनके नाम 9 अर्धशतक भी दर्ज हैं। सेमीफाइनल में शतक लगाने वाले अमन मोखाड़े ने 33 रन बनाए। रविकुमार समर्थ ने 25, मोहम्मद फैज ने 19, कप्तान हर्ष दुबे ने 17 और दर्शन नालकंडे ने 14 रन बनाए। सौराष्ट्र की गेंदबाजी में अंकुर पंवार सबसे सफल रहे, उन्होंने 4 विकेट झटके। चेतन सकारिया और चिराग जानी को 2-2 विकेट मिले।
सौराष्ट्र की खराब शुरुआत बड़े टारगेट के सामने सौराष्ट्र की शुरुआत खराब रही। टीम ने 30 रन पर 2 विकेट गंवा दिए। कप्तान हार्विक देसाई 20 और विश्वराज जडेजा 9 रन बनाकर आउट हो गए। प्रेरक मांकड़ ने फिर फिफ्टी लगाई और टीम को संभाल लिया। हालांकि, उनके सामने सम्मार गज्जर 25, और पार्स्वराज राणा 7 रन बनाकर आउट हो गए। मांकड़ ने फिर चिराग जानी के साथ फिफ्टी पार्टनरशिप की और टीम को 200 रन के पार पहुंचा दिया। मांकड़ 88 रन बनाकर आउट हुए, उनके बाद चिराग भी 64 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। टीम ने 260 रन तक 8 विकेट भी गंवा दिए। रुचित अहिर 21 और जयदेव उनादकट 6 रन बनाकर आउट हुए। यश ठाकुर को 4 विकेट विदर्भ के लिए तेज गेंदबाज यश ठाकुर ने 50 रन देकर 4 विकेट लिए। नचिकेत भूते ने 46 रन देकर 3 विकेट लिए, वहीं दर्शन नालकंडे ने 52 रन देकर 2 विकेट झटके। हर्ष दुबे को 1 विकेट मिला, उन्होंने 59 रन दिए। पार्थ रेखाड़े कोई विकेट नहीं ले सके। विजय हजारे ट्रॉफी की 13वीं चैंपियन विदर्भ विदर्भ ने पहली बार विजय हजारे ट्रॉफी का टाइटल जीता, टीम इस खिताब को जीतने वाली 13वीं टीम बनी। तमिलनाडु और कर्नाटक ने सबसे ज्यादा 5-5 टाइटल जीते हैं। मुंबई के नाम 4 और सौराष्ट्र के नाम 2 खिताब हैं। इनके अलावा 8 टीमें 1-1 बार चैंपियन बन चुकी हैं। विदर्भ ने लगातार दूसरे सीजन फाइनल में जगह बनाई थी, टीम को पिछली बार कर्नाटक से खिताबी मुकाबला गंवाना पड़ा। इस बार विदर्भ ने इतिहास बदला और सौराष्ट्र को उनका दूसरा फाइनल हराकर अपना पहला टाइटल जीत लिया। विदर्भ ने सेमीफाइनल में कर्नाटक को हराया था विदर्भ की टीम दूसरी बार विजय हजारे ट्रॉफी के फाइनल में पहुंची है। गुरुवार को खेले गए पहले सेमीफाइनल मुकाबले में विदर्भ ने कर्नाटक को 6 विकेट से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई। इससे पहले टीम 2024–25 सीजन में भी फाइनल तक पहुंच चुकी थी। पांच बार की चैंपियन कर्नाटक की टीम 49.4 ओवर में 280 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। 281 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए विदर्भ ने अमन मोखड़े के शतक की बदौलत 46.2 ओवर में 4 विकेट खोकर 284 रन बनाए और मुकाबला अपने नाम कर लिया। सौराष्ट्र ने पंजाब को 9 विकेट से हराया था सौराष्ट्र ने पंजाब को 9 विकेट से हराकर चौथी बार विजय हजारे ट्रॉफी के फाइनल में जगह बनाई। शुक्रवार को खेले गए दूसरे सेमीफाइनल में पंजाब ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी की और 50 ओवर में सभी विकेट खोकर 291 रन बनाए। इसके जवाब में सौराष्ट्र ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 39.3 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया और एकतरफा अंदाज में मुकाबला अपने नाम किया। विश्वराज जडेजा ने शतक लगाया। दोनों टीमों की प्लेइंग-11 सौराष्ट्र: हार्विक देसाई (विकेटकीपर/कप्तान), विश्वराज जड़ेजा, प्रेरक मांकड़, सम्मर गज्जर, चिराग जानी, रुचित अहीर, पार्श्वराज राणा, धर्मेंद्रसिंह जाडेजा, अंकुर पंवार, जयदेव उनादकट, चेतन सकारिया। विदर्भ: हर्ष दुबे (कप्तान), अथर्व तायडे, अमन मोखड़े, फैज मोहम्मद शेख, रविकुमार समर्थ, रोहित बिनकर (विकेटकीपर), यश राठौड़, नचिकेत भुटे, पार्थ रेखाडे, यश ठाकुर, दर्शन नालकंडे।
विदर्भ ने पहली बार विजय हजारे ट्रॉफी जीती:सौराष्ट्र को 38 रन से फाइनल हराया, अथर्व तायडे का शतक; यश ठाकुर को 4 विकेट


