शिवपुरी के बड़े नेता और अधिकारी 14 से 30 अप्रैल तक रोज बैठकर मेरी बोली लगाते थे। मेरे घर आए दिन गुंडे भेजे जाते थे। मुझे गंदी-गंदी गालियां दी जाती थीं सिर्फ इसलिए कि मैं अपनी शिकायत वापस ले लूं। यह कहना है अंजलि (बदला हुआ नाम) का जिसने शिवपुरी नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा के बेटे रजत शर्मा पर शादी का झांसा देकर रेप करने का आरोप लगाया है। 23 दिसंबर को अंजलि ने 45 नींद की गोलियां और चूहा मार दवा खाकर खुदकुशी करने की कोशिश की थी। जब उसकी हालत ज्यादा बिगड़ गई तो परिजन उसे अस्पताल ले गए। 30 दिसंबर को वह अस्पताल से डिस्चार्ज हुई है। अंजलि ने सुसाइड से पहले 6 पन्नों का सुसाइड नोट भी लिखा था जिसमें उसने नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा और उनके बेटे रजत शर्मा पर संगीन आरोप लगाए। भास्कर ने जब अंजलि से बात की तो उसने आरोप लगाया कि उसे लगातार जान से मारने की धमकी दी जा रही है, हालांकि इन आरोपों पर रजत शर्मा और गायत्री शर्मा ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। भास्कर ने अंजलि से बात कर समझा कि आखिर इस रिश्ते की शुरुआत कहां से हुई और आखिर किस तरह से रजत ने धोखा दिया? सोशल मीडिया से शुरू हुई कहानी
अंजलि के अनुसार उसकी और रजत की दोस्ती साल 2022 में सोशल मीडिया के माध्यम से हुई थी। वह पहले से जानती थी कि रजत एक राजनीतिक रूप से प्रभावशाली परिवार से ताल्लुक रखता है। जुलाई 2022 में अंजलि अपनी पढ़ाई छोड़कर इंदौर से शिवपुरी वापस आ गई। उस दौरान दोनों के बीच ज्यादा बातचीत नहीं होती थी। रिश्ते में मोड़ अप्रैल 2023 में आया जब एक रात अंजलि ने अपनी गली में गंदगी और जलभराव की समस्या को लेकर रजत को संदेश भेजा और नाली बनवाने का अनुरोध किया। अगले ही दिन उसकी एक पड़ोसन ने इसी शिकायत के लिए फोन पर किसी से उसकी बात कराई। अंजलि को बाद में पता चला कि फोन पर बात करने वाला व्यक्ति रजत ही था। उसी दिन रजत का दोबारा मैसेज आया और यहीं से दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया। जल्द ही यह बातचीत मुलाकातों में बदल गई और रजत का अंजलि के घर आना-जाना शुरू हो गया। शादी का वादा और परिवार से मुलाकात
अंजलि ने बताया कि उसने शुरुआत में ही रजत के सामने अपनी मंशा स्पष्ट कर दी थी। उसने कहा,मेरी दोनों बड़ी बहनों की शादी हो चुकी है और अब मेरे घरवाले भी मेरी शादी करना चाहते हैं। इसलिए अगर तुम शादी के लिए गंभीर हो तभी हम इस रिश्ते को आगे बढ़ाएंगे। इस पर रजत ने सहमति जताई और रिश्ते को औपचारिक रूप देने के लिए 9 सितंबर 2023 को अंजलि को अपनी मां गायत्री शर्मा से मिलवाया। अंजलि के मुताबिक गायत्री शर्मा ने उससे बहुत अच्छे से बात की और उसका गर्मजोशी से स्वागत किया जिससे उसे यकीन हो गया कि यह रिश्ता शादी तक पहुंचेगा। इस मुलाकात की जानकारी अंजलि ने अपने परिवार को भी दे दी थी। नवंबर 2023 तक दोनों का रिश्ता और गहरा हो गया और वे एक-दूसरे के बेहद करीब आ गए। बदलता व्यवहार और टूटे वादे
जनवरी 2024 में जब अंजलि के लिए शादी के दूसरे रिश्ते आने लगे तो उसने रजत पर शादी की बात को आगे बढ़ाने के लिए दबाव डाला। उसने रजत से कहा कि वह अपने परिवार के साथ उसके घर आकर बात करें। रजत ने उसे अपनी मां से बात करने को कहा। अंजलि ने बताया जब मैंने और रजत ने आंटी (गायत्री शर्मा) से बात की और कहा कि अब मेरे घर आकर बात कर लीजिए। उन्होंने दो-चार दिन में आने का वादा किया। लेकिन इसके तुरंत बाद लोकसभा चुनाव की घोषणा हो गई और वह व्यस्त हो गईं। मैंने भी चुनाव के दौरान इस मुद्दे को उठाना ठीक नहीं समझा। मार्च 2024 में अंजलि के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा जब उसके भाई को ब्लड कैंसर होने का पता चला। अंजलि स्वीकार करती है कि इस मुश्किल घड़ी में रजत और उसके परिवार ने उनकी हर संभव मदद की। 10 मार्च 2025 को उसके भाई का निधन हो गया। इस दौरान भी रजत का उसके घर आना-जाना लगा रहा लेकिन भाई की मृत्यु के कुछ दिनों बाद रजत के व्यवहार में एक अजीब बदलाव आने लगा। अंजलि ने बताया,हमारी 4-5 दिन बात नहीं हुई। जब दोबारा बात शुरू हुई तो रजत अजीब बातें करने लगा। सच्चाई का सामना और धमकियों का दौर
3 अप्रैल को अंजलि का शक यकीन में बदल गया। वह और रजत बाहर गए थे। जब वे लौट रहे थे तो एक लड़के ने पीछे से आकर रजत से कहा। मैं आपके घर गया था। पापा कुछ बता ही नहीं रहे हैं कि शादी कहां से करनी है। यह सुनते ही अंजलि ने रजत का कॉलर पकड़ लिया और कहा तुम्हारा सच सामने आ गया है। इस पर रजत ने उल्टा उसी पर भरोसा न करने का आरोप लगाया और उसे घर के सामने धक्का देकर चला गया। इसके बाद रजत ने फोन करके रिश्ता खत्म करने की बात कही और अंजलि को हर जगह से ब्लॉक कर दिया। घबराई हुई अंजलि ने पूरी बात अपनी मां को बताई। उसकी मां ने गायत्री शर्मा से संपर्क किया जिन्होंने सीधे तौर पर आरोपों को खारिज कर दिया और कहा,आप लोग मेरे बेटे को फंसा रहे हैं।, कानूनी लड़ाई और मानसिक प्रताड़ना
इस घटना के बाद अंजलि ने 14 अप्रैल को कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। उसका आरोप है कि पुलिस ने भी मामले में ढिलाई बरती। लगातार थाने के चक्कर काटने के 16 दिन बाद30 अप्रैल को पुलिस ने रजत शर्मा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं के तहत बलात्कार और अन्य आरोपों में FIR दर्ज की। 9 मई को रजत ने जमानत के लिए आवेदन किया और लगभग एक महीने बाद उसे हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। अंजलि का सबसे गंभीर आरोप यह है कि FIR दर्ज होने के बाद से उस पर और उसके परिवार पर लगातार मामला वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा था। उसने कहा शिवपुरी के बड़े नेता और अधिकारी 14 से 30 अप्रैल तक रोज बैठकर मेरी बोली लगाते थे। मेरे घर आए दिन गुंडे भेजे जाते थे। मुझे गंदी-गंदी गालियां दी जाती थीं सिर्फ इसलिए कि मैं अपनी शिकायत वापस ले लूं। पिछले यह मानसिक दबाव और धमकियों का सिलसिला बीते सात महीनों से चल रहा था जिसने उसे तोड़कर रख दिया। आत्महत्या का प्रयास और न्याय की गुहार
लगातार मिल रही धमकियों और न्याय की धीमी प्रक्रिया से हताश होकर अंजलि ने 23 दिसंबर को एक खौफनाक कदम उठाया। उसने लगभग 45 नींद की गोलियां और चूहा मारने की दवा एक साथ खा ली। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने उसकी जान बचाई। मंगलवार को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। अंजलि अब भी डरी हुई है लेकिन उसने हार नहीं मानी है। उसने कहा,मेरे घर में मैं अकेली लड़ने वाली हूं मुझे अपनी जान का खतरा है। परेशान होकर मैंने यशोधरा राजे सिंधिया जी और महाराज ज्योतिरादित्य सिंधिया जी को मैसेज किया है। अब वो ही मुझे न्याय दिलवा सकते हैं। यह मामला अब केवल एक व्यक्तिगत विवाद नहीं बल्कि सत्ता प्रभाव और न्याय की लड़ाई का प्रतीक बन गया है। एक तरफ एक प्रभावशाली राजनीतिक परिवार है और दूसरी तरफ एक अकेली लड़की जो अपने सम्मान और न्याय के लिए संघर्ष कर रही है। शिवपुरी की जनता और प्रशासन की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या सत्ता के गलियारों से निकली धमकी की आवाजें न्याय की आवाज को दबा देंगी या सच की जीत होगी।


