मेरठ में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में रविवार को विश्व हिंदू परिषद की नेता साध्वी प्राची ने समाज, शिक्षा और सोशल मीडिया से जुड़े मुद्दों पर तीखी बातें रखीं। उन्होंने बच्चियों की रील संस्कृति, शिक्षा पद्धति और सामाजिक सुरक्षा को लेकर अपने विचार साझा किए।
विराट हिंदू सम्मेलन को संबोधित करते हुए साध्वी प्राची ने कहा कि आजकल सोशल मीडिया पर रील बनाने का चलन बढ़ गया है। इसका असर बच्चियों पर भी दिख रहा है। उन्होंने बच्चियों से अपील की कि वे छोटे कपड़े पहनकर आपत्तिजनक रील न बनाएं। उनका कहना था कि ऐसी सामग्री से समाज में गलत संदेश जाता है। परिवार की प्रतिष्ठा पर भी असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि बेटियों की रील ऐसी होनी चाहिए। जिसे देखकर पिता गर्व महसूस करें। साध्वी प्राची ने शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आजकल माता-पिता अपनी बच्चियों को कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। लेकिन बाद में वही बच्चियां ससुराल में जाकर “नीले ड्रम” जैसी बातों का सहारा लेकर डराने की बात करती हैं। उनके अनुसार, इस तरह की सोच का संबंध कॉन्वेंट शिक्षा से है। उन्होंने इसे सांकेतिक रूप से “नीला ड्रम” कहकर संबोधित किया।
सरस्वती शिशु मंदिर और गुरुकुल में लिया शिक्षा
उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे स्वयं सरस्वती शिशु मंदिर और गुरुकुल जैसी शिक्षण संस्थाओं से पढ़ी हैं। जहां बच्चों को संस्कारों की शिक्षा दी जाती है। आज समाज उन संस्कारों से दूर होता जा रहा है, जिसका नतीजा बच्चों के व्यवहार और सोच में दिख रहा है। उनके मुताबिक, इसी कारण आजकल इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं।
अगर सुरक्षित रहना है तो एक साथ रहना
सम्मेलन में साध्वी प्राची ने सामाजिक एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि अगर देश और समाज को सुरक्षित रखना है। तो सभी को एक साथ रहना होगा। अपने धर्म के प्रति जागरूक होना पड़ेगा। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का उल्लेख करते हुए कहा कि संघ पिछले सौ वर्षों से समाज के हर क्षेत्र में सक्रिय है और अब लगभग हर घर तक पहुंच चुका है। शिक्षा सहित कई क्षेत्रों में संघ की भूमिका को उन्होंने महत्वपूर्ण बताया।
कुछ लोग पहचान छुपा कर बहकने का प्रयास कर रहे, इनसे रहे सतर्क
इसके साथ ही उन्होंने ‘लव जिहाद’ के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग पहचान छिपाकर युवाओं को बहकाने का प्रयास करते हैं। सम्मेलन के अंत में उन्होंने समाज से सतर्क रहने और संस्कारों को अपनाने की अपील की।


