मुंगेर जिले के हवेली खड़गपुर प्रखंड स्थित तेघड़ा गांव में अचानक आधा दर्जन कौओं की मौत हो गई। सूचना मिलने पर पशु चिकित्सकों की एक टीम तेघड़ा गांव के उमाशंकर पासवान के बगीचे में पहुंची और मृत कौओं का निरीक्षण किया। एहतियात के तौर पर सभी मृत कौओं को मिट्टी में दफना दिया गया। टीम ने बगीचे के मालिक और आसपास के ग्रामीणों से मृत कौओं के बारे में जानकारी जुटाई। पशु चिकित्सकों की टीम में हवेली खड़गपुर के प्रभारी पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार, शामपुर के भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी संतोष कुमार, खंडबिहारी के भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अली वफ़ा और मोबाइल वेटनरी यूनिट के डॉ. नरसिंह पंडित सहित अन्य कर्मी शामिल थे। टीम ने ग्रामीणों को घबराने की आवश्यकता नहीं होने का आश्वासन दिया। प्रभारी पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार ने बताया कि कौओं की मौत की जानकारी मिलते ही पूरी टीम सतर्क हो गई थी। रविवार को ही मौके का जायजा लिया गया था। सोमवार को टीम ने उमाशंकर पासवान के बगीचे और समीप के अन्य बगीचों में स्प्रे मशीन से कीटनाशक का छिड़काव किया। डॉ. कुमार ने बताया कि इस बगीचे में बड़ी संख्या में कौए आते हैं। उन्होंने आशंका जताई कि आम के पेड़ों पर दवाइयों के छिड़काव के कारण भी कौओं की मौत हुई हो सकती है। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि मृत पाए गए सभी कौए कई दिन पहले ही मर चुके थे। उन्होंने कहा कि यदि अगले एक-दो दिनों में कोई और कौआ मृत पाया जाता है, तो उसके नमूने जांच के लिए भेजे जाएंगे ताकि मौत के वास्तविक कारण का पता लगाया जा सके। वहीं उन्होंने बताया कि बगीचा मालिक और आसपास के बगीचा मालिक और ग्रामीणों को जागरूक करते हुए बताया कि ऐसी घटना अगर हो तो इसकी सूचना अविलंब पशु चिकित्सालय को दिया जाना आवश्यक है। उन्होंने बर्ड फ्लू की संभावना से फिलहाल इंकार किया है और लोगों को परेशान नहीं होने की बात कही है।
इधर मृत कौओं की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों को बर्ड फ्लू का भय सता रहा है। ग्रामीणों के अनुसार पिछले दस से पंद्रह दिनों से तेघड़ा के बगीचा में कौओं की लगातार मौत हो रही है। हालांकि पूर्व के वर्षों में भी इसी बगीचा के आसपास कई कौए मृत पाए गए थे। मुंगेर जिले के हवेली खड़गपुर प्रखंड स्थित तेघड़ा गांव में अचानक आधा दर्जन कौओं की मौत हो गई। सूचना मिलने पर पशु चिकित्सकों की एक टीम तेघड़ा गांव के उमाशंकर पासवान के बगीचे में पहुंची और मृत कौओं का निरीक्षण किया। एहतियात के तौर पर सभी मृत कौओं को मिट्टी में दफना दिया गया। टीम ने बगीचे के मालिक और आसपास के ग्रामीणों से मृत कौओं के बारे में जानकारी जुटाई। पशु चिकित्सकों की टीम में हवेली खड़गपुर के प्रभारी पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार, शामपुर के भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी संतोष कुमार, खंडबिहारी के भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अली वफ़ा और मोबाइल वेटनरी यूनिट के डॉ. नरसिंह पंडित सहित अन्य कर्मी शामिल थे। टीम ने ग्रामीणों को घबराने की आवश्यकता नहीं होने का आश्वासन दिया। प्रभारी पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार ने बताया कि कौओं की मौत की जानकारी मिलते ही पूरी टीम सतर्क हो गई थी। रविवार को ही मौके का जायजा लिया गया था। सोमवार को टीम ने उमाशंकर पासवान के बगीचे और समीप के अन्य बगीचों में स्प्रे मशीन से कीटनाशक का छिड़काव किया। डॉ. कुमार ने बताया कि इस बगीचे में बड़ी संख्या में कौए आते हैं। उन्होंने आशंका जताई कि आम के पेड़ों पर दवाइयों के छिड़काव के कारण भी कौओं की मौत हुई हो सकती है। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि मृत पाए गए सभी कौए कई दिन पहले ही मर चुके थे। उन्होंने कहा कि यदि अगले एक-दो दिनों में कोई और कौआ मृत पाया जाता है, तो उसके नमूने जांच के लिए भेजे जाएंगे ताकि मौत के वास्तविक कारण का पता लगाया जा सके। वहीं उन्होंने बताया कि बगीचा मालिक और आसपास के बगीचा मालिक और ग्रामीणों को जागरूक करते हुए बताया कि ऐसी घटना अगर हो तो इसकी सूचना अविलंब पशु चिकित्सालय को दिया जाना आवश्यक है। उन्होंने बर्ड फ्लू की संभावना से फिलहाल इंकार किया है और लोगों को परेशान नहीं होने की बात कही है।
इधर मृत कौओं की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों को बर्ड फ्लू का भय सता रहा है। ग्रामीणों के अनुसार पिछले दस से पंद्रह दिनों से तेघड़ा के बगीचा में कौओं की लगातार मौत हो रही है। हालांकि पूर्व के वर्षों में भी इसी बगीचा के आसपास कई कौए मृत पाए गए थे।


