सुपौल में 9 साल पुराने हत्याकांड में फैसला:आरोपी को 10 साल की सजा-25 हजार जुर्माना, 10 गवाहों की गवाही, 2017 में डंडे से हमले में हुई थी मौत

सुपौल में 9 साल पुराने हत्याकांड में फैसला:आरोपी को 10 साल की सजा-25 हजार जुर्माना, 10 गवाहों की गवाही, 2017 में डंडे से हमले में हुई थी मौत

सुपौल जिले में करीब नौ वर्ष पुराने गैर इरादतन हत्या के एक मामले में मंगलवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनंत सिंह की अदालत ने अहम फैसला सुनाया। अदालत ने आरोपी गंगा प्रसाद साह को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि आरोपी अर्थदंड की राशि जमा नहीं करता है, तो उसे अतिरिक्त 6 माह की सजा भुगतनी होगी। पति के साथ आंगन में बैठी थी मृतका
यह मामला मरौना थाना कांड संख्या 56/17 और सत्रवाद संख्या 252/17 से संबंधित है। पीड़िता तारा देवी, जो मृतक जयनारायण साह की पत्नी हैं, ने बताया कि 9 मई 2017 की शाम करीब पांच बजे वह अपने पति के साथ आंगन में बैठी थीं। इसी दौरान गांव के ही गंगा प्रसाद साह अपने परिजनों के साथ वहां पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। विवाद बढ़ने पर गंगा प्रसाद साह ने लकड़ी के डंडे से जयनारायण साह के सिर पर हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई
घटना के बाद घायल जयनारायण साह को इलाज के लिए पटना ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस मामले में लंबी सुनवाई के दौरान अदालत में कुल 10 गवाहों की गवाही हुई, जिनमें 7 अभियोजन पक्ष और 3 बचाव पक्ष के गवाह शामिल थे। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक राजेश कुमार सिंह ने पक्ष रखा, जबकि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता विनोद कांत झा ने बहस की। अदालत ने 18 मार्च को आरोपी गंगा प्रसाद साह को दोषी ठहराया था और मंगलवार को सजा के बिंदु पर निर्णय सुनाया। इस फैसले के साथ ही पीड़ित परिवार को न्याय मिला, वहीं अदालत का यह निर्णय ऐसे मामलों में एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। सुपौल जिले में करीब नौ वर्ष पुराने गैर इरादतन हत्या के एक मामले में मंगलवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनंत सिंह की अदालत ने अहम फैसला सुनाया। अदालत ने आरोपी गंगा प्रसाद साह को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि आरोपी अर्थदंड की राशि जमा नहीं करता है, तो उसे अतिरिक्त 6 माह की सजा भुगतनी होगी। पति के साथ आंगन में बैठी थी मृतका
यह मामला मरौना थाना कांड संख्या 56/17 और सत्रवाद संख्या 252/17 से संबंधित है। पीड़िता तारा देवी, जो मृतक जयनारायण साह की पत्नी हैं, ने बताया कि 9 मई 2017 की शाम करीब पांच बजे वह अपने पति के साथ आंगन में बैठी थीं। इसी दौरान गांव के ही गंगा प्रसाद साह अपने परिजनों के साथ वहां पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। विवाद बढ़ने पर गंगा प्रसाद साह ने लकड़ी के डंडे से जयनारायण साह के सिर पर हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई
घटना के बाद घायल जयनारायण साह को इलाज के लिए पटना ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस मामले में लंबी सुनवाई के दौरान अदालत में कुल 10 गवाहों की गवाही हुई, जिनमें 7 अभियोजन पक्ष और 3 बचाव पक्ष के गवाह शामिल थे। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक राजेश कुमार सिंह ने पक्ष रखा, जबकि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता विनोद कांत झा ने बहस की। अदालत ने 18 मार्च को आरोपी गंगा प्रसाद साह को दोषी ठहराया था और मंगलवार को सजा के बिंदु पर निर्णय सुनाया। इस फैसले के साथ ही पीड़ित परिवार को न्याय मिला, वहीं अदालत का यह निर्णय ऐसे मामलों में एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।  

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