जालंधर | यूनाइटेड फोरम ऑफ इंडस्ट्री एंड ट्रेड की बैठक में उद्योगों से जुड़ी समस्याओं को लेकर अहम चर्चा हुई। फोरम ने पंजाब के एक्साइज एंड टैक्सेशन विभाग के विशेष सचिव एवं कमिश्नर जतिंदर जोरवाल को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर स्टेट टैक्स के डिप्टी कमिश्नर दरवीर राज मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लवली ग्रुप के रमेश मित्तल और आईसीएआई जालंधर के चेयरमैन विवेक पार्थी समेत कई उद्योगपति और प्रोफेशनल्स शामिल हुए। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य रूप से जीएसटी रिफंड में हो रही अत्यधिक देरी का मुद्दा उठाया, जिससे एमएसएमई इकाइयों की कार्यशील पूंजी और दैनिक संचालन प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा ये समस्याएं भी सामने रखी गईं जिनमें 7 दिनों में 90% प्रोविजनल रिफंड न मिलना, इनपुट टैक्स क्रेडिट में रुकावट, जीएसटी रजिस्ट्रेशन का पुराने समय से रद्द होना, धारा 67 के तहत अनावश्यक जांच और छोटी तकनीकी गलतियों पर इनपुट टैक्स क्रेडिट खारिज करना शामिल था। कमिश्नर जोरवाल ने भरोसा दिलाया कि सप्लायर्स की जांच के लिए वेंडर रेटिंग सिस्टम बनाया जाएगा, चैटबॉट और कस्टमर केयर सिस्टम को और आसान बनाया जाएगा ।


