100 किमी. प्रति घंटे की गति से दौड़ेंगे वाहन, 31 गांवों से ली गई जमीन

MP News: इंदौर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए पश्चिमी रिंग रोड का निर्माण तेजी से चल रहा है। यह 64 किमी लंबा रिंग रोड शहर के आस-पास के इलाकों को जोड़ने के साथ-साथ ट्रैफिक के दबाव को कम करने में मदद करेगा।

इस परियोजना को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा 3000 करोड़ रुपये की लागत से कार्यान्वित किया जा रहा है। यह प्रोजेक्ट सिंहस्थ मेले से पहले पूरी होने की संभावना है और इस रिंग रोड के बनने से पीथमपुर को उज्जैन से सीधा कनेक्शन मिलेगा, जिससे दोनों शहरों के बीच यात्रा आसान होगी।

पश्चिमी रिंग रोड का महत्व

वर्तमान में इंदौर की मुख्य सड़कों और रिंग रोड पर भारी ट्रैफिक दबाव है, जिससे शहर के यातायात व्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। लेकिन पश्चिमी रिंग रोड के बनने से शहर के ट्रैफिक पर 60-70 प्रतिशत तक दबाव कम हो जाएगा। इस रिंग रोड के बनने से खासकर एमआर-10 और लवकुश चौराहे पर ट्रैफिक की समस्या हल होगी। साथ ही, यह रिंग रोड पीथमपुर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भी एक बड़ा लाभ साबित होगा।

100 किमी प्रति घंटे की गति से दौड़ेंगे वाहन

पश्चिमी रिंग रोड का डिजाइन 6 लेन एक्सेस कंट्रोल हाईवे के रूप में किया गया है, जिससे वाहन 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगे। इस रिंग रोड के लिए 31 गांवों की 600 हेक्टेयर जमीन ली गई है और निर्माण के लिए लगभग 1900 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे शहर के अंदर और बाहर से आने-जाने वाली गाड़ियों की गति और सुविधा में उल्लेखनीय सुधार होगा।

पूर्वी रिंग रोड और औद्योगिक क्षेत्र को मिलेगा लाभ

पश्चिमी रिंग रोड के साथ-साथ एनएचएआई द्वारा पूर्वी रिंग रोड का भी निर्माण किया जा रहा है। यह 77 किमी लंबी होगी और शिप्रा से शुरू होकर पीथमपुर तक जाएगी। पूर्वी रिंग रोड के निर्माण से भी इंदौर और पीथमपुर के बीच यातायात व्यवस्था में सुधार होगा और शहर के बाहर से आने-जाने वाली गाड़ियों को अतिरिक्त राहत मिलेगी।

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