Vande Bharat Train Update: देश की प्रीमियम ट्रेनों में शामिल वंदे भारत एक्सप्रेस को लेकर एक अहम खबर सामने आई है। लगातार कम यात्रियों और आर्थिक नुकसान के कारण प्रयागराज–गोरखपुर वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन बंद करने पर विचार किया जा रहा है। रेलवे के स्थानीय अधिकारियों ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर लिया है, हालांकि अंतिम निर्णय अभी रेलवे बोर्ड को लेना है। रेलवे सूत्रों के अनुसार यदि रेलवे बोर्ड से सहमति मिलती है तो आने वाले समय में इस ट्रेन का संचालन बंद किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि इस रूट पर यात्रियों की संख्या उम्मीद से काफी कम है, जिसके कारण रेलवे को लगातार आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
60 प्रतिशत सीटें रह रही हैं खाली
रेलवे सूत्रों के मुताबिक प्रयागराज से लखनऊ और आगे गोरखपुर तक चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस में रोजाना बड़ी संख्या में सीटें खाली रह जाती हैं। औसतन देखा जाए तो इस ट्रेन में लगभग 60 प्रतिशत से अधिक सीटें खाली रह रही हैं। यात्रियों की कम संख्या के कारण टिकट बिक्री से होने वाली आय अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि प्रीमियम श्रेणी की इस ट्रेन के संचालन में खर्च भी अधिक होता है। ऐसे में जब यात्री कम मिलते हैं तो राजस्व में भारी गिरावट दर्ज होती है।
यात्रियों की मांग पर बढ़ाया गया था रूट
शुरुआत में यह वंदे भारत ट्रेन केवल गोरखपुर से लखनऊ के बीच संचालित की जा रही थी। उस समय यात्रियों की मांग को देखते हुए रेलवे ने मार्च 2024 में इसका विस्तार प्रयागराज तक कर दिया था। रेलवे को उम्मीद थी कि प्रयागराज तक विस्तार होने के बाद यात्रियों की संख्या में वृद्धि होगी और ट्रेन की उपयोगिता बढ़ेगी। लेकिन अपेक्षा के विपरीत यात्री संख्या में खास बढ़ोतरी नहीं हो सकी।
समय-सारिणी भी बनी वजह
प्रयागराज जंक्शन स्टेशन सलाहकार समिति के सदस्य रौनक गुप्ता का कहना है कि इस ट्रेन का समय यात्रियों के लिए सुविधाजनक नहीं है। उनका कहना है कि प्रयागराज से ट्रेन के प्रस्थान का समय ऐसा है, जो अधिकांश यात्रियों के लिए अनुकूल नहीं पड़ता। इसी कारण लोग अन्य ट्रेनों या परिवहन के विकल्पों का इस्तेमाल कर रहे हैं। रौनक गुप्ता के अनुसार यदि ट्रेन का संचालन सुबह के समय प्रयागराज से शुरू किया जाए और शाम को वापसी कराई जाए, तो यात्रियों की संख्या बढ़ सकती है।
बंद करने के बजाय समय बदलने की मांग
स्थानीय यात्रियों और रेलवे सलाहकार समिति के कुछ सदस्यों का मानना है कि ट्रेन को पूरी तरह बंद करने के बजाय उसकी समय-सारिणी में बदलाव करना ज्यादा बेहतर विकल्प हो सकता है। उनका कहना है कि सुबह के समय ट्रेन चलने से कार्यालय जाने वाले लोग, छात्र और व्यापारी इस सेवा का ज्यादा उपयोग कर सकते हैं। वहीं शाम को वापसी होने से यात्रियों को भी सुविधा होगी।
रेलवे के लिए आर्थिक चुनौती
प्रीमियम ट्रेनों के संचालन में रेलवे को काफी खर्च उठाना पड़ता है। वंदे भारत ट्रेनों में आधुनिक सुविधाएं, उच्च गति और बेहतर सेवा उपलब्ध कराई जाती है, जिसके कारण इनके संचालन का खर्च सामान्य ट्रेनों की तुलना में अधिक होता है। ऐसे में जब यात्री संख्या कम होती है तो रेलवे को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता है। यही कारण है कि रेलवे विभाग अब कम यात्रियों वाली ट्रेनों की समीक्षा कर रहा है।
पहले भी बंद हो चुकी है एक वंदे भारत
उत्तर मध्य रेलवे ने इससे पहले आगरा-उदयपुर वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन भी कम यात्रियों के कारण बंद कर दिया था। अब इसी तरह की स्थिति प्रयागराज-गोरखपुर वंदे भारत के साथ भी देखने को मिल रही है। यदि यात्री संख्या में सुधार नहीं होता है तो इस ट्रेन का संचालन बंद होने की संभावना बढ़ सकती है।
रेलवे बोर्ड लेगा अंतिम निर्णय
इस मामले में उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि फिलहाल प्रयागराज-गोरखपुर वंदे भारत ट्रेन का संचालन जारी है। उन्होंने कहा कि आगरा–उदयपुर वंदे भारत पहले ही बंद की जा चुकी है, जबकि प्रयागराज–गोरखपुर ट्रेन को लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। इस संबंध में अंतिम फैसला रेलवे बोर्ड द्वारा ही किया जाएगा।
यात्रियों की सुविधा और आय के बीच संतुलन
रेलवे के सामने सबसे बड़ी चुनौती यात्रियों की सुविधा और आय के बीच संतुलन बनाए रखने की है। एक ओर रेलवे यात्रियों को आधुनिक और तेज गति वाली सेवाएं देना चाहता है, वहीं दूसरी ओर इन सेवाओं को आर्थिक रूप से भी टिकाऊ बनाना जरूरी है। यदि किसी ट्रेन में लगातार कम यात्री मिलते हैं तो उसके संचालन को जारी रखना रेलवे के लिए कठिन हो जाता है।
यात्रियों की नजर रेलवे बोर्ड के फैसले पर
फिलहाल प्रयागराज-गोरखपुर वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन जारी है, लेकिन रेलवे बोर्ड के अंतिम निर्णय का इंतजार किया जा रहा है। यदि रेलवे बोर्ड स्थानीय स्तर पर भेजे गए प्रस्ताव को मंजूरी देता है तो आने वाले समय में इस ट्रेन का संचालन बंद किया जा सकता है। ऐसे में इस रूट के यात्रियों की नजर अब रेलवे बोर्ड के फैसले पर टिकी हुई है।


