आकाशवाणी लखनऊ और भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार शाम कैसरबाग स्थित कलामंडपम् राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग गया। “उत्सव वंदेमातरम्” नामक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम में देशभक्ति, स्वाधीनता की चेतना और लोक संस्कृति की अनूठी छटा देखने को मिली। समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि आशुतोष पांडेय, पुलिस महानिदेशक (रेडियो वायरलेस) एवं अन्य गणमान्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। कार्यक्रम प्रमुख सुमोना पांडेय ने स्वागत संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय गीत ‘वंदेमातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में यह आयोजन राष्ट्र के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है। उन्होंने विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. माण्डवी का सहयोग के लिए आभार जताया। ‘स्वातन्त्रय स्वरांजलि’ में गूंजे देशभक्ति के गीत कार्यक्रम की शुरुआत विश्वविद्यालय के छात्र कलाकारों द्वारा ‘वंदेमातरम्’ के छह छंदों के समूहगान से हुई। प्रस्तुति ने श्रोताओं के मन में राष्ट्रप्रेम की लहर दौड़ा दी। ‘स्वातन्त्रय स्वरांजलि’ में डॉ. सूर्य कुमार पांडेय के गीत और केवल कुमार के संगीत निर्देशन में आकाशवाणी के कलाकारों ने हिंदी, अवधी और भोजपुरी में देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए। “तेरे लिए जियें हम, तुझ पर जान निसार करें…” जैसी पंक्तियों पर पूरा सभागार भावुक हो उठा।‘लोकराग’ में अवधी-भोजपुरी लोकगीतों ने लोक संस्कृति की सजीव झलक पेश की। विशेष आकर्षण रहे आल्हा सम्राट श्री रामरथ पाण्डेय, जिनके ओजपूर्ण आल्हा गायन ने वीररस से वातावरण गुंजायमान कर दिया। कविगोष्ठी और नाट्य मंचन ने छुआ दिल ‘मातृ स्वर-धारा’ कविगोष्ठी में डॉ. शिव ओम अम्बर, शिव किशोर तिवारी ‘खंजन’, हिना रिज़वी हैदर और डॉ. सुमन दुबे ने राष्ट्र चेतना गीतों से समां बांधा।वहीं भारतेंदु नाट्य अकादमी के कलाकारों ने ‘आनंदमठ’ कृति का प्रभावशाली मंचन कर स्वतंत्रता संग्राम के ऐतिहासिक परिदृश्य को जीवंत कर दिया।‘इतिहास के पन्नों से’ शीर्षक के अंतर्गत क्विज और भाषण प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने उत्साह से हिस्सा लिया और पुरस्कृत हुए। कार्यक्रम के अंत में उप निदेशक राजीव रंजन पांडेय ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संयोजक डॉ. उमाशंकर सिंह रहे, जबकि संचालन राजेश्वरी और नंदिनी ने किया।कार्यक्रम में नगर के गणमान्य नागरिक, कलाकार, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में श्रोता उपस्थित रहे।


