Fighter Jets : ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा सैन्य संघर्ष अब एक बेहद खतरनाक और निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। हाल ही में ईरान ने अमेरिका के दो अत्याधुनिक को मार गिराने का दावा किया है, जिसकी पुष्टि अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने भी कर दी है। जिन दो लड़ाकू विमानों को निशाना बनाया गया है, उनमें एक एफ-15ई स्ट्राइक ईगल और दूसरा ए-10 वॉर्थोग शामिल है। दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य शक्ति होने के बावजूद, अमेरिका के लिए यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
अमेरिकी वायुसेना को बड़ा नुकसान
इस युद्ध की शुरुआत के बाद यह पहली बार है जब अमेरिकी विमानों को इस तरह का सीधा नुकसान उठाना पड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एफ-15ई (F-15E) विमान ईरान की सीमा के अंदर क्रैश हुआ। इस विमान में दो क्रू मेंबर सवार थे। वहीं, दूसरा विमान ए-10 वॉर्थोग (A-10) क्षतिग्रस्त होने के बाद पायलट द्वारा कुवैत की ओर मोड़ा गया, जहां से पायलट ने सुरक्षित इजेक्ट कर लिया। ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध ने साफ कर दिया है कि मध्य पूर्व का यह संकट अब और गहराने वाला है।
पायलट की तलाश और रेस्क्यू ऑपरेशन की चुनौती
घटना के तुरंत बाद अमेरिका ने बड़े पैमाने पर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज ने एफ-15ई के एक क्रू मेंबर को सुरक्षित निकाल लिया है, लेकिन दूसरा क्रू मेंबर अभी भी लापता है। रेस्क्यू मिशन में अमेरिकी सेना के दो ब्लैक हॉक (Black Hawk) हेलीकॉप्टर भी शामिल थे। इन हेलीकॉप्टरों पर भी ईरानी सेना ने भारी गोलीबारी की, लेकिन ये सुरक्षित अपने बेस पर लौटने में सफल रहे। अमेरिकी रक्षा विभागके लिए अपने लापता सैनिक को सुरक्षित वापस लाना इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गया है।
ईरान को कैसे मिली इतनी ताकत?
यह सवाल दुनिया भर में पूछा जा रहा है कि अमेरिका के एडवांस जेट्स को ईरान ने कैसे मार गिराया। दरअसल, ईरान के पास रूसी और स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम का एक मजबूत नेटवर्क है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्युशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने हाल के वर्षों में अपने सतह से हवा में मार करने वाले मिसाइल सिस्टम और रडार तकनीक को काफी अपग्रेड किया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी विमान बहुत कम ऊंचाई पर उड़ान भर रहे थे, जिसके कारण वे ईरान के मोबाइल एयर डिफेंस रडार की पकड़ में आ गए।
स्थानीय लोगों को इनाम का ऑफर
ईरान ने लापता अमेरिकी पायलट को पकड़ने के लिए एक मनोवैज्ञानिक युद्ध भी शुरू कर दिया है। ईरानी सरकारी मीडिया और स्थानीय प्रशासन ने पश्चिमी ईरान के नागरिकों और खानाबदोश लोगों से अपील की है कि अगर वे अमेरिकी पायलट को जिंदा पकड़कर सौंपते हैं, तो उन्हें बड़ा इनाम दिया जाएगा। यह स्थिति अमेरिकी सेना के लिए और भी चुनौतीपूर्ण हो गई है।
डोनाल्ड ट्रंप के दावों की जमीनी हकीकत
इस पूरी घटना ने अमेरिकी रणनीति पर भी सवाल खड़े किए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दावा किया था कि ईरान के रडार और एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया है। लेकिन डोनाल्ड ट्रंप के इस बयान के कुछ ही समय बाद इन विमानों का गिरना यह साबित करता है कि ईरान का एयर डिफेंस अभी भी पूरी तरह सक्रिय है।


