Middle East Tension: पिछले महीने 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद मध्य-पूर्व में हालात दिनों-दिन खराब होते जा रहे हैं। एक तरफ जहां ईरान पर इजरायल और अमेरिका ने जबरदस्त हमला किया, वहीं ईरान ने सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर मिसाइल से करारा जवाब दिया। इस हमले में अमेरिकी एयरफोर्स के पांच एरियल रिफ्यूलिंग विमानों को नुकसान पहुंचा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के हमले में एरियल रिफ्यूलिंग विमान पूरी तरह क्षतिग्रस्त नहीं हुए हैं और उनकी मरम्मत चल रही है। वहीं, इस हमले में दस अमेरिकी सैनिकों के घायल होने की खबर है। सीबीएस न्यूज के मुताबिक, 8 अमेरिकी सैनिक घायल हैं, जबकि दो की हालत गंभीर बनी हुई है।
वहीं, मौजूदा मध्य-पूर्व तनाव को लेकर अमेरिकी सेंट्रल कमांड के एक प्रवक्ता ने कहा है कि अमेरिका-ईरान संघर्ष में 300 से अधिक अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें से अधिकांश ड्यूटी पर लौट चुके हैं। इसके अतिरिक्त, अभियान के दौरान 13 सैन्यकर्मियों ने अपनी जान गंवाई है।
उधर, पश्चिमी ईरान के करमानशाह प्रांत पर शुक्रवार को अमेरिका-इजरायल के हमलों में 20 लोगों के मारे जाने और कई लोगों के घायल होने का दावा किया गया है। यह दावा ईरान की सरकारी मीडिया की ओर से किया गया है। अमेरिका और इजरायल की तरफ से ये हमले प्रांत के अलग-अलग स्थानों पर किए गए। ईरानी मीडिया के मुताबिक, दोनों देशों ने आवासीय इलाकों को निशाना बनाया। मृतकों में महिलाएं, बच्चे और एक गर्भवती महिला भी शामिल हैं।
मध्य-पूर्व में 10,000 अमेरिकी सैनिक भेजने पर विचार
द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में अमेरिकी रक्षा विभाग के एक अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि वॉशिंगटन तेहरान के साथ बातचीत के दौरान पश्चिम एशिया में अतिरिक्त 10,000 जमीनी सैनिक भेजने पर विचार कर रहा है। इसमें 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के अलावा पैदल सेना और बख्तरबंद वाहनों की तैनाती भी शामिल हो सकती है। मार्को रूबियो (Marco Rubio) ने आगे संकेत दिया कि यह संघर्ष अल्पकालिक रहने की उम्मीद है, यह महीनों के बजाय हफ्तों में समाप्त हो सकता है।
ईरान के विदेश मंत्री ने हमलों की कड़ी निंदा की
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची (Seyed Abbas Araghchi) ने स्थानीय समय के अनुसार शुक्रवार को ईरान के परमाणु और इस्पात संयंत्रों पर हुए इजरायली हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि मध्य-पूर्व संघर्ष को समाप्त करने के लिए चल रही बातचीत के बीच तेहरान, तेल अवीव द्वारा किए गए इन हमलों की भारी कीमत वसूलेगा।
उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह हमला युद्ध समाप्त करने के लिए तेहरान के साथ चल रही बातचीत के तहत ट्रंप द्वारा दी गई विस्तारित समय-सीमा के विपरीत है।


